
पुलिस ने डीव्हीआर जांच के लिए भेजा रायपुर
चिरमिरी । आबकारी विभाग के सरगुजा रेंज के उड़नदस्ता अधिकारी रंजीत गुप्ता सहित अन्य के विरुद्ध चिरमिरी थाने में लुट सहित अन्य धाराओं पर एफआईआर दर्ज कर लिया है । चिरमिरी पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के डीव्हीआर की जांच के लिए उसे रायपुर लैब भेजा है । डीव्हीआर की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही करने की बात पुलिस कह रही है ।
मामले की जानकारी देते हुए चिरमिरी थाना प्रभारी एवं मामले के जांच अधिकारी विवेक पाटले ने बताया कि प्रार्थी राजा उर्फ अमित सिंह पिता जय सिंह राघव उम्र 30 वर्ष निवासी सड़क दफाई हल्दीबाड़ी चिरमिरी थाना चिरमिरी 16 नवंबर 2024 को चिरमिरी थाना में उपस्थित आकर लिखित आवेदन देकर बताया कि 14 नवंबर 2024 को आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता अपने 9-10 आबकारी स्टाफ के साथ प्रार्थी के घर व होटल में रेड कार्यवाही किया था। रेड कार्यवाही में तलाशी दौरान मंगलम होटल में अवैध गांजा 900 ग्राम मिला है बोलकर प्रार्थी से कोरे कागज में हस्ताक्षर कराकर गांजा के साथ फोटो एवं विडियों बनाकर गांजा के प्रकरण में जेल भेजने की धमकी देकर गांजा का प्रकरण नही बनाने के लिये प्रार्थी से 2 लाख रुपये की मांग की, जिससे भयभीत होकर प्रार्थी अपने घर से 1.50 लाख रुपये लाकर आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को दिया है।
आबकारी स्टाफ द्वारा प्राथी के होटल स्टाफ के साथ मारपीट कर होटल में लगा सीसीटीव्ही कैमरा का डीव्हीआर भी छीनकर ले गये है। प्रार्थी के रिपोर्ट पर आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता (एडीईओ) अम्बिकापुर व अन्य के विरुद्ध थाना चिरमिरी में 288/24 धारा 308 (2), 309 (6), 3(5) बीएनएस. पंजीचद्ध किया गया है। मामले में जांच के लिए सीसीटीवी के कैमरे का डीव्हीआर आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता से जप्त किया है । लेकिन डीव्हीआर से सारी वीडियो फुटेज को इरेज कर उड़ा दिया गया था, जिसे रिकवर करने के लिए पुलिस ने डीव्हीआर को रायपुर लैब भेजा है । डीव्हीआर की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही करने की बात चिरमिरी पुलिस कह रही है ।
वहीं एक अन्य मामले में चिरमिरी पुलिस को दिए गए लिखित शिकायत में हल्दीबाड़ी निवासी दामोदर दास ने कहा है कि 14 नवंबर को आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में आबकारी की टीम ने उनके घर में गांजा होने की सूचना मिलने की बात कहते हुए पूरे घर की तलाशी ली थी । इस दौरान उन्होंने पलंग के कवर्ड में रखे 30 हजार रुपए को निकाल लिया था । इस बारे में पूछने पर आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने कहा कि यदि तुम्हारे घर में गांजा नहीं मिला तो यह पैसा तुम्हे वापस कर देंगे । लेकिन लगातार दो दिनों की तलाशी के बावजूद उन्हें मेरे घर में कोई भी आपत्तिजनक चीज नहीं मिला । इसके बाद जब उसने आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता से अपने पैसों की मांग की तो उसने कहा कि अंबिकापुर से दो गाड़ी आने जाने में खर्चा लगता है । तुम्हारे पैसों को उन्हीं खर्चों में लगा दिया गया है । इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दामोदर दास ने चिरमिरी थाने में दी है, जिसकी जांच भी चिरमिरी पुलिस कर रही है ।
बताया जाता है कि आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में आई आबकारी विभाग के सरगुजा रेंज की उड़नदस्ता की टीम ने 14 एवं 15 नवंबर 2024 को लगातार दो दिनों तक किया एवं एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़, चिरमिरी के बगनच्चा दफाई, हीरागिर दफाई, टिकरापारा गोदरीपारा, दूबछोला, सिरौली नागपुर, कोरिया जिले के बरबसपुर सहित कई अन्य जगहों पर छापामार कार्यवाही की गई थी । लेकिन कहीं भी इनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, केवल कार्यवाही का भय दिखाकर संबंधित लोगों से पैसों की वसूली की गई ।
उपरोक्त मामले के सामने आने से आबकारी विभाग के सरगुजा रेंज के उड़नदस्ता टीम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है । अब लोगो को चिरमिरी पुलिस की आगे की कार्यवाही का इंतजार है ।
