
रायपुर, पवित्र माह रमजान के लगते ही मुस्लिम समुदाय के लोग अपने रब को मानाने करने के लिए रोजा रखते हैं जिसमे रामज़ान के रोजे की बड़ी फ़जीलत बताई गए, बड़ों का अनुसरण करते हुए बच्चे भी रमजान का रोजा रखते हैं यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो रोजा उपवास फास्ट करने से शरीर में जमा फैट कोलेस्ट्रॉल व कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है शरीर में अनावश्यक बीमारियों से बचा जा सकता है साथ ही पूरे शरीर की गंदगी भी दूर हो जाती हैं।आपको बता दे की
रोटरी नगर निवासी मोहम्मद हसन ने अपना पहला रोज़ा रखा 6 साल की उम्र में.और बदलते मौसम ने भी मोहम्मद हसन का हौसला न तोड़ सका कड़ी धूप के बावजूद नमाज़ और रोज़े में पढ़ने वाली दुआ के साथ ही साथ दिनभर भूखे प्यासे इबादत में गुजारा अपना पूरा दिन मोहम्मद हसन ,मोहम्मद इरशाद रायपुर के साहबज़ादे हैँ।मोहम्मद हसन पहले रोज़े से परिवार के सभी ईस्ट जनों ने उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया।और मुबारकबाद पेश
