
मनेन्द्रगढ़/चिरमिरी( गुफरान खान)
जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) इन दिनों कोयला रखाड़ (Fly Ash) के अवैध परिवहन और डंपिंग का सुरक्षित गढ़ बनता जा रहा है। जिले की सड़कों पर दिन-रात दौड़ते ओवरलोड हाईवा और डंपर न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरण को भी विषैला बना रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा और अहम सवाल यही उठता है कि आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है?
सूत्रों की मानें तो इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है, जिसे कथित तौर पर रसूखदारों और कुछ विभागीय अधिकारियों का ‘वरदहस्त’ प्राप्त है। नियमों के मुताबिक, रखाड़ का निस्तारण निर्धारित डंपिंग यार्ड या ईंट-भट्ठों में किया जाना चाहिए, लेकिन परिवहन माफिया लागत बचाने के चक्कर में इसे रातों-रात रिहायशी इलाकों के पास, जंगलों में या किसानों की उपजाऊ जमीनों पर डंप कर रहे हैं। इससे न केवल जमीन बंजर हो रही है, बल्कि हवा में घुलती जहरीली राख से लोगों को सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां हो रही हैं।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों को शिकायतें कीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है। खनिज विभाग, पर्यावरण विभाग और स्थानीय पुलिस की चुप्पी मिलीभगत की ओर इशारा करती है। यदि समय रहते इस ‘काले खेल’ पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में एमसीबी जिले को एक बड़ी पर्यावरणीय त्रासदी का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह है कि उच्च प्रशासन कुंभकरणी नींद से कब जागता है।
