20 Mar 2026, Fri

एटीएम के सहारे चलता था नशे का साम्राज्य! चिरमिरी पुलिस ने तोड़ी अंतर्राज्यीय तस्करी की कमर, मास्टरमाइंड समेत पूरा गिरोह गिरफ्तार

चिरमिरी/नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में चिरमिरी पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। कानून के रक्षकों ने सूझबूझ, सतर्कता और रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए उस अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया, जो युवाओं की नसों में जहर घोलने का संगठित कारोबार चला रहा था। इस कार्रवाई के साथ ही नशे के उस अंधेरे साम्राज्य की नींव हिल गई, जो एटीएम कार्ड के जरिए अपने काले धन का संचालन कर रहा था।
इस सनसनीखेज खुलासे में पुलिस ने गिरोह के सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड रसल एक्का था, जो सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शनों की आपूर्ति का मुख्य सूत्रधार बना हुआ था।
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब पुलिस ने गिरोह की अंतिम कड़ी रंजीत कुमार विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। उसके पास से हैदराबाद निवासी वैंदला वासु का एटीएम कार्ड बरामद हुआ, जिसके माध्यम से नशे के इस अवैध कारोबार की पूरी आर्थिक व्यवस्था संचालित की जा रही थी। यही एटीएम कार्ड इस काले खेल की रीढ़ बना हुआ था, जिसके जरिए पैसे का लेन-देन कर इस अवैध धंधे को विस्तार दिया जा रहा था।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह एटीएम कार्ड स्वयं रसल एक्का द्वारा रंजीत को सौंपा गया था, जिससे पूरे नेटवर्क का वित्तीय संचालन किया जाता था। इस खुलासे ने नशा तस्करी के उस छिपे हुए आर्थिक तंत्र को उजागर कर दिया, जो अब तक कानून की नजरों से बचा हुआ था।
इस पूरे अभियान को पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा और पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह के निर्देशन में अंजाम दिया गया। उनके मार्गदर्शन और सख्त निगरानी में चिरमिरी पुलिस लगातार नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही है। थाना चिरमिरी प्रभारी विजय सिंह की सूझबूझ और नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक-एक कड़ी को जोड़ते हुए इस अंतर्राज्यीय गिरोह को धराशायी कर दिया।
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई थी जब पुलिस ने शेख अल्ताफ और किशन रजक को नशीले इंजेक्शन बेचते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों ने धीरे-धीरे इस गिरोह के जाल को उजागर किया और शुभम यादव की गिरफ्तारी के बाद मास्टरमाइंड रसल एक्का का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे रायपुर से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में रसल एक्का ने स्वीकार किया कि सरगुजा संभाग में नशे की सप्लाई उसी के नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती थी। उसकी निशानदेही पर हैदराबाद से जुड़े वैंदला वासु और सूरजपुर निवासी रजत कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार पुलिस ने एक-एक कर पूरे गिरोह को बेनकाब कर दिया।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक और नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी के मार्गदर्शन में गठित टीम ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। सहायक उपनिरीक्षक नईम खान, आरक्षक राजीव रंजन तिवारी, अमित गुप्ता, सचिन खुरसेल और सैनिक प्रमोद साहू ने निरंतर प्रयास और सजगता के साथ इस अभियान को सफल बनाया।
चिरमिरी पुलिस की यह सफलता केवल एक गिरोह की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज को नशे के जाल से मुक्त करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। जिस सूझबूझ और दृढ़ता के साथ इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है, वह यह संकेत देता है कि कानून के हाथ अब और भी मजबूत हो चुके हैं।
यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि नशे के खिलाफ जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, और चिरमिरी पुलिस इस लड़ाई में पूरी प्रतिबद्धता के साथ डटी हुई है—ताकि समाज को इस जहर से मुक्त किया जा सके और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।

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