बेंगलुरु : भारत की महत्वकांक्षी परियोजना चन्द्रयान-2 को लेकर इसरो की एक बार फिर उम्मीद जग गई है. चंद्रयाद-2 का पता चल गया है और चंद्रयान-2 लैंडर विक्रम से फिर संपर्क की तैयारी में इसरो.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क बहाल करने की कोशिश जारी रखे हुए है। एक अधिकारी ने कहा कि सही अनुकूलन के साथ यह अब भी ऊर्जा पैदा कर सकता है और सौर पैनल से बैटरियों को रिचार्ज कर सकता है।
इससे पहले इसरो प्रमुख के शिवन ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क बहाल करने की कोशिश करेगी। इसरो के एक अधिकारी ने कहा चंद्रमा की सतह पर विक्रम की हार्ड लैंडिंग ने दोबारा संपर्क कायम करने को मुश्किल बना दिया है। क्योंकि यह सहजता से और अपने चार पैरों के सहारे नहीं उतरा होगा।
इसरो के प्रमुख के शिवन ने रविवार को कहा कि चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग का अभियान तय योजना के मुताबिक पूरा नहीं होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन और देश के समर्थन ने अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ाया।
बतादें प्रधानमंत्री ने रविवार को इसरो और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत को सराहा। कहा, खिलाड़ियों और अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के लिए नाकामी जैसी कोई चीज नहीं है। देश के खेल जगत ने ट्िवटर पर इसरो के भारत के चंद्रमा के दूसरे अभियान चंद्रयान दो की तारीफ की थी।
इधर इसरो की ओर से लैंडर विक्रम के पता चलने का ऐलान होते ही जहां देशवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं यह खबर पलक झपकते ही सोशल मीडिया में भी छा गई। अपराह्न साढ़े तीन बजे से छह बजे शाम तक #विक्रमलैंडरफाउंड ट्िवटर का टॉप ट्रेंड बना रहा। यूजर ने उम्मीद जताई कि जल्द ही विक्रम से संपर्क स्थापित हो जाएगा। गौरतलब है कि ऑर्बिटर ने लैंडर विक्रम की थर्मल तस्वीर भेजी है जिससे उससे संपर्क करने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
