
रविवार को शरद पूर्णिमा के खास अवसर पर मथुरा के में विशेष पूजन और उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस साल फिर से शरदोत्सव पर ठाकुरजी के दर्शनों के समय को भी बढ़ाया गया है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर मंदिर की राजभोग आरती और शयन आरती के समय को एक-एक घंटे बढ़ाया गया है जिससे कि मंदिर में आने वाले भक्तों को दर्शन में कोई असुविधा ना हो।
ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में भगवान श्रीकृष्ण ने महारास किया था। मान्यता है कि अन्य देवी देवता भी श्रीकृष्ण के इस महारास के दर्शनों के लिए यहां आते हैं। शरद पूर्णिमा पर विशेष तौर पर विश्व विख्यात बांके बिहारी मंदिर के चौक के ऊपर लगे शटर को हटा दिया जाता है, जिससे कि चंद्रमा की रोशनी ठाकुर जी के चेहरे पर पड़ती रहे। मंदिर प्रबंधक मुनेश शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर ठाकुर बांके बिहारी मोर-मुकुट धारण कर रत्न जड़ित सोने-चांदी के भव्य सिंहासन पर विराजमान होते हैं और इसके बाद भक्तों के दर्शन शुरू कराए जाते हैं।
एक घंटे बढ़ाया गया दर्शन का समय
मंदिर प्रबंधक ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर साल में एक बार होने वाले ठाकुर जी के दिव्य दर्शनों के समय को भी बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर 11 बजकर 55 मिनट पर होने वाली राजभोग आरती 12 बजकर 55 मिनट पर होगी। वहीं रात्रि में 9 बजकर 25 मिनट पर होने वाली शयनभोग आरती 10 बजकर 25 मिनट पर होगी। मंदिर प्रबंधन ने शरद पूर्णिमा के मौके पर दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में आने की उम्मीद जताई है और लोगों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
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