11 May 2026, Mon

जहां हादसे में पत्‍नी की मौत, वहीं बनवाया मंदिर

आशीष मेहता, जयपुर
दो महीने पहले राजस्‍थान के सीकर जिले के फतेहपुर कस्‍बे के पास एक सड़क हादसे में जितेंद्र कौशिक (54) की पत्‍नी की मौत हो गई थी। पत्‍नी को खोने के बाद जितेंद्र की इच्‍छा हुई कि काश यहां एक मंदिर होता। जितेंद्र की इस इच्‍छा में साथ दिया स्‍थानीय होटल मालिक ने और मंदिर के लिए अपनी जमीन दान दे दी। जितेंद्र ने सड़क किनारे उस जमीन पर एक छोटा सा हनुमान मंदिर बनवाया है। रविवार को जितेंद्र जींद, हरियाणा से अपने परिवार के साथ वहां आए और पूजा की।

हुआ यह कि 16 अगस्‍त को जितेंद्र अपने दो बेटों, बहुओं, एक पोते और पत्‍नी के साथ जींद से सालासर बालाजी मंदिर के दर्शन करने दो गाड़‍ियों में निकले। इन लोगों की योजना थी कि 17 अगस्‍त को ये हुनमान जी के दर्शन करेंगे। जितेंद्र ने हमारे सहयोगी टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया, ‘हम दो वाहनों में सफर कर रहे थे। मेरे साथ बड़ा बेटा, बहू और पोता था, दूसरी गाड़ी जो हमारे पीछे चल रही थी उसमें मेरी पत्‍नी, छोटा बेटा और बहू थे। हम जैसे ही फतेहपुर बस स्‍टैंड से आगे निकले एक तेज रफ्तार कैंटर ने पीछे चल रही गाड़ी में टक्‍कर मार दी।’

पढ़ें:

इस इलाके में आसपास कहीं मंदिर नहीं था
इस दुर्घटना में जितेंद्र की पत्‍नी सुनीता कौशिक (48) के सिर में गंभीर चोटें आईं। स्‍थानीय लोगों ने इनकी मदद की और इन्‍हें अस्‍पताल पहुंचाया पर सुनीता को बचाया नहीं जा सका। यहां मंदिर बनाने का ख्‍याल कैसे आया? यह पूछने पर जितेंद्र ने बताया, ‘जब मैं यहां दोबारा 4 सितंबर को उसी जगह आया तो मैंने देखा कि लगभग 8 किलोमीटर के क्षेत्र में कहीं कोई मंदिर नहीं है। लोगों ने बताया कि जाने वाले पैदल श्रद्धालु अक्‍सर हाइवे पर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। तब मुझे लगा कि यहां एक मंदिर बनवा दिया जाए तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है। मेरी वाइफ तो चली गई पर और लोगों की जान बचाएंगे हनुमान जी।’

स्‍थानीय होटल मालिक ने दी अपनी जमीन
रविवार को जब जितेंद्र पहुंचे तो मंदिर का 80 प्रतिशत निर्माण हो चुका था। उनके साथ स्‍थानीय पुलिस के अलावा परिवार के लोग थे। मंदिर के लिए जमीन देने वाले होटल मालिक सतपाल चौधरी का कहना था, ‘उस दिन हादसे के बाद कोई मदद के लिए आगे नहीं आया तो मैं अपनी गाड़ी में इन्‍हें सीकर के अस्‍पताल ले गया। जब जितेंद्र जी ने वहां मंदिर बनाने की इच्‍छा जताई तो मैंने उन्‍हें मना नहीं कर पाया और जमीन का छोटा सा टुकड़ा मंदिर बनाने के लिए दे दिया।’

Source: National Feed By RSS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *