11 May 2026, Mon

मऊ ब्लास्ट में मारे गए लोगों का हिंदू-मुस्लिम ने मिलकर किया अंतिम संस्कार

मऊ
चौदह साल पहले अक्टूबर का ही महीना था। जब यूपी के मऊ जिले में हुए दंगों ने सांप्रदायिक सौहार्द का ताना-बाना छिन्न-भिन्न कर दिया था। पुराने लोगों को आज भी वह अखबारों में छपी वह तस्वीर याद है जब मऊ के बाहुबली मुख्तार अंसारी हाथों में असलहा लिए सड़क पर निकले थे। समय का पहिया घूमने के साथ सांप्रदायिक सौहार्द का ताना-बाना बुनकरों की नगरी मे फिर बुनना प्रारंभ हो गया था लेकिन दंगे का दाग लोगों के दिल पर लगा था।

इस दंगे के 14 साल बाद 14 अक्टूबर को भी तारीख वही थी। जिले के मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के वलीदपुर बाजार में सिलिंडर ब्लास्ट में दो मंजिला इमारत ध्वस्त हो गई, तेरह लोगों की उसी दिन मौत हो गई। मातम के इस मंजर में मिली-जुली आबादी के इस शहर में सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल घायलों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर अंतिम यात्रा तक दिखाई पड़ी। साम्प्रदायिक सौहार्द की जो मिसाल दिखाई पड़ी उसे देखकर लगा ही नहीं कभी यह शहर धर्म के नाम पर झुलसा भी था।

मातम के मंजर में मिटती दिखी दूरी
दूसरी ओर वलीदपुर बाजार में मंगलवार सुबह सिलिंडर के धमाके में गंभीर रूप से घायल सावित्री देवी (42) की बुधवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे में घायल 20 लोगों का अब भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मऊ जिले में दंगे के दंश से दोनों समुदायों के बीच जो दूरी बन गई थी वह मातम के इस मंजर में मिटती दिखी।

सांत्वना देने के लिए दोनों समुदाय दिखे साथ
शोक संतृप्त परिवारों को सांत्वना देने के लिए दोनों समुदायों के लोग एक साथ आए। जिस छोटू विश्वकर्मा के घर सिलिंडर ब्लास्ट हुआ उस घर में फंसे लोगों की जान बचाने के प्रयास में जान गंवाने वाले 22 साल के इम्तियाज अहमद के भाई इजहार अहमद अंतिम यात्रा में गमगीन दिखे।

Source: Uttarpradesh Feed By RSS

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