5 May 2026, Tue

कमलेश: पुलिस ने जारी की कातिलों की तस्वीरें

लखनऊ
ने हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपियों की तस्वीरें जारी कर दी हैं। दोनों आरोपियों का नाम अशफाक और मोइनुद्दीन है। उधर, कमलेश तिवारी की हत्या कर भागे दोनों आरोपियों को रविवार देर रात शाहजहांपुर में देखा गया। दोनों गौरीफंटा से होते हुए नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन कड़ी चेकिंग के कारण सफल नहीं हो पाए। डीजीपी ओपी सिंह ने दोनों पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

वारदात के बाद दोनों हत्या आरोपी के ट्रेन से बरेली पहुंचने और वहां के निजी अस्पताल में इलाज करवाने की जानकारी सामने आने के बाद से ही पुलिस और एसटीएफ की टीमें बरेली और आसपास के शहरों में तलाशी अभियान चला रही हैं। पुलिस को स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर दोनों संदिग्धों ने ट्रेन के बारे में पता किया।

सीसीटीवी फुटेज में दिखे दोनों आरोपी
शहर के सीसीटीवी फुटेज में दोनों स्टेशन रोड से अशफाक नगर जाते दिखे। रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल के मैनेजर राजेंद्र कुमार ने बताया कि लखनऊ से आई पुलिस ने होटल में लगे सीसीटीवी के फुटेज देखे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में दो संदिग्ध रविवार रात 12 बजे रेलवे स्टेशन से शहर की ओर जाते हुए दिख रहे हैं। रोडवेज के स्टेशन अधीक्षक सुशील त्रिवेदी ने बताया कि एसआईटी ने बस अड्डे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के बारे में पूछा। बस अड्डे पर मौजूद यात्रियों से संदिग्धों की पहचान करवाने की भी कोशिश की।

कमलेश मर्डर केस का नागपुर कनेक्शन
सोमवार को यूपी पुलिस ने मामले के तीन आरोपियों को गुजरात की अहमदाबाद कोर्ट में 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद लखनऊ लेकर आई। इसके अलावा महाराष्ट्र एटीएस ने मामले के एक अन्य आरोपी सैयद असीम अली को नागपुर कोर्ट के समक्ष पेश करके ट्रांजिट रिमांड मांगी।

शनिवार को यूपी और गुजरात पुलिस की जॉइंट टीम ने मौलाना मोहसिन शेख (24), खुर्शीद अहमद पठान (23) और फैजान को सूरत से गिरफ्तार किया था। बता दें कि 18 अक्टूबर को लखनऊ के नाका इलाके में कमलेश तिवारी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

मेरे बोलने पर प्रतिबंध- कमलेश की मां
कमलेश तिवारी की मां कुसुमा तिवारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वाराणसी में कहा कि पुलिस ने मेरे बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुझे और मेरे परिवार को एक तरह से नजरबंद कर लिया गया है। कमलेश की मां, बड़ा बेटा व परिवार के कुछ और लोग सोमवार रात 11 बजे अस्थि विसर्जन करने काशी पहुंचे। इस दौरान कुछ पत्रकारों ने सवाल पूछे तो कुसुमा ने कहा, ‘पुलिस ने मुझे नजरबंद कर लिया है, मैं कुछ बोलूंगी तो मेरा भी हाल कमलेश की तरह होगा। मेरे बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस के साये में ही मुझे काशी लाया गया है।’

गंगा में विसर्जित कमलेश की अस्थियांइस बीच कमलेश तिवारी की अस्थियां सोमवार रात को गंगा में विसर्जित कर दिया गया। अस्थि कलश लेकर उनके परिजन वाराणसी पहुंचे, जहां वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर रीति-रिवाज के साथ उनका अस्थि विसर्जन किया गया। कमलेश के बेटे मृदुल तिवारी ने अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया। अस्थि कलश के साथ कमलेश की मां कुसुम तिवारी भी थीं। पंडित रणधीर पांडेय ने गंगा पूजन कराया। कमलेश की मां ने कहा कि मेरे घर इतनी फोर्स लगी है कि पूरा परिवार नजरबंद महसूस कर रहा है। हमें अब भी धमकियां मिल रही है।

Source: National Feed By RSS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *