3 May 2026, Sun

गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बोलीं गवर्नर- गोल्ड मेडल सजाएं, दहेज में ना लें गोल्ड

गोरखपुर
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से कहा है कि वे ऐसी रिसर्च पर जोर दें, जोकि सामाजिक जरूरतों को पूरा करने वाली हों। बुधवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में बतौर कुलाधिपति उन्होंने कहा कि शिक्षा में उत्कृष्टता जरूरी है। बगैर उत्कृष्ट शिक्षा के अस्तित्व के सामने चुनौतियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने गोल्ड मेडलिस्ट छात्र-छात्राओं को यह भी कहा कि वे इस गोल्ड को अपने शोकेस में सजाएं और शादी में के रूप में गोल्ड ना लें।

इस दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 51 टॉपरों को दिए गए जबकि 85 को स्मृति गोल्ड मेडल से नवाजा गया। दीक्षांत समारोह में पहली बार प्राथमिक विद्यालय के 30 बच्चों को भी बतौर अतिथि बुलाया गया था। ये बच्चे भटहट ब्लॉक के बूढ़ाडीह प्राइमरी स्कूल से आए थे। फुल ड्रेस में अगली पंक्ति में बैठे बच्चों से सीधे मुखातिब होते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे यहां देखें कि क्या हो रहा है और पढ़ाई पर फोकस करते हुए ऐसा करने का जज्बा पैदा करें।

राज्यपाल ने दिया उत्कृष्ट शिक्षा पर दिया जोर
शिक्षकों और छात्र-छात्राओं से राज्यपाल ने कहा कि वे बदलाव के लिए प्रयास करते रहें। उत्कृष्टता के प्रति आग्रही बनने का भी राज्यपाल ने आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नए और मौलिक शोध के जरिए ही श्रेष्ठता का मुकाम हासिल कर दुनिया को राह दिखाई जा सकती है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में दो हॉस्टलों और 600 कंप्यूटरों की क्षमता के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का शिलान्यास किया।

शादी में ‘गोल्ड’ से दूरी बनाने की अपील
राज्यपाल ने दहेज पर चोट करते हुए गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों से अपील की कि वह इस ‘गोल्ड’ को अपने शो-केस का हिस्सा बनाएं और यह संकल्प लें कि अपनी शादी में गोल्ड का सामान न तो मांगेंगे और न ही देंगे। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि यूजीसी चेयरमैन प्रफेसर डीपी सिंह ने बताया कि रिसर्च पर यूजीसी भी बहुत गंभीर है। रिसर्च को प्रासंगिक बनाने के लिए यूजीसी ने 500 करोड़ रुपए की योजना शुरू की है। यूजीसी चाहता है कि रिसर्च ऐसा हो जोकि देश-दुनिया के लिए मुफीद साबित हो।

Source: Uttarpradesh

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