12 May 2026, Tue

अयोध्या विवाद पर इस हफ्ते आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला!

 नई दिल्ली 
अयोध्या के रामजन्म भूमि विवाद पर उच्चतम न्यायालय इस हफ्ते शनिवार तक फैसला सुना सकता है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल हालांकि,17 नवंबर तक का है, लेकिन अगले हफ्ते 11, 12, 16 (शनिवार) और 17 नवंबर (रविवार) को छुट्टी है। इसके बाद अदालत के पास 6, 7, 8, 9 (शनिवार), 13, 14 और 15 नवंबर का समय बचा है। 

अदालत फैसला देने के लिए शनिवार को भी बैठ सकती है। इसकी संभावना इसलिए है कि क्योंकि संविधान पीठ ने इस मामले की सुनवाई कई बार शनिवार को भी की है। 
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, संविधान पीठ इस हफ्ते फैसला दे सकती है। क्योंकि फैसला देने के बाद अदालत के पास अगले हफ्ते आठ दिन बचेंगे। यदि फैसले के कारण कोई तकनीकी खामी या कोई जटिलता पैदा होती है तो पीठ के पास आदेश पारित करने का समय रहेगा। साथ ही अपने फैसले के अनुपालन की निगरानी भी कर सकेगी। 

जानकारों ने कहा कि यदि मामले में कोई जटिलता नहीं हुई तो कोर्ट फैसला अगले हफ्ते देगा और उसके बाद मुख्य न्यायाधीश 17 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। आगामी 17 नवंबर को बेंच बदल जाएगी और इसमें एक जज नए आ जाएंगे। इस मामले में जो भी समीक्षा या पुनर्विचार याचिकाएं आएंगी वे नई बेंच के समक्ष ही आएंगी। 

जस्टिस गोगोई को आजीवन सुविधाएं
अगले हफ्ते 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को गुवाहाटी उच्च न्यायालय अपने खर्च पर आवास, चपरासी, निजी सचिव और वाहन उपलब्ध करवाएगा। फुल कोर्ट ने इस बारे में प्रस्ताव पारित किया है। जस्टिस गोगोई ने सेवानिवृत्त होने के बाद गुवाहाटी में रहने की इच्छा जताई थी।
 

हाईकोर्ट ने प्रस्ताव में कहा है कि यह सम्मान की बात है कि जस्टिस गोगोई जो उसके वकील और जज जज रह चुके हैं, ने गुवाहाटी में रहने की इच्छा व्यक्त की है। उनके आद्वितीय योगदान को देखते हुए संस्थागत सम्मान देने के लिए जस्टिस गोगोई और मैडम रूपांजलि गोगोई को यह सुविधाएं दी जाएंगी। हाईकोर्ट में एक नोडल अधिकारी होगा जो उनकी सुविधाओं का ख्याल रखेगा। 

आमतौर पर देश के मुख्य न्यायाधीश को रिटायर होने के बाद सुविधाएं देने का काम राज्य सरकार का होता है। मुख्य न्यायाधीश जिस भी राज्य में रहना चाहें वहां उन्हें आवास तथा सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यह पहला मौका है जब किसी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ये सुविधाएं मुहैया करवाने का प्रस्ताव पारित किया है। जस्टिस गोगोई ने 2001 में गुवाहाटी हाईकोर्ट से जज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।

Source: National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *