11 May 2026, Mon

अमिताभ बच्चन के साथ हाउसफुल का रीमेक बनाना चाहता हूं: आर पार्थिबन

पणजी: गोवा के पणजी में चल रहे भारत के 50 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ( ) में अपनी फिल्म ‘Oththa Seruppu Size 7’ लेकर पहुंचे नैशनल अवॉर्ड विजेता ऐक्टर, डायरेक्टर, राइटर और प्रड्यूसर इन दिनों खबरों में हैं। आर पार्थिबन ने रणवीर सिंह और आलिया भट्ट स्टारर डायरेक्टर जोया अख्तर की फिल्म ‘गली बॉय’ के ऑस्कर नॉमिनेशन में चुनें जाने पर अपनी आपत्ति जताई है।

नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से हुई बातचीत में आर पार्थिबन ने ‘गली बॉय’ को कॉपी कैट फिल्म कहते हुए कड़ी आपत्ति जताई। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि वह बॉलिवुड में के साथ काम करना चाहते हैं। पार्थिबन बिग बी को अपना आदर्श मानते हैं और 1999 में रिलीज़ हुई अपनी फिल्म ‘हाउसफुल’ का रीमेक अमिताभ बच्चन के साथ बनाना चाहते हैं।

मेरे पास 60 अनोखी कहानियां हैं, जो पहले कभी भी नहीं कही गई हैंआर पार्थिबन ने बताया, ‘मेरे पास इस समय 60 अनोखी कहानियां हैं, ऐसी कहानियां, जो पहले कभी भी नहीं कही गई हैं। अगर कोई प्रड्यूसर तैयार हो जाए तो मैं अपनी फिल्म हिंदी में भी बनाना चाहूंगा। मेरी पहली फिल्म पुधिया पधाई को नैशनल अवॉर्ड मिला था और बाद में उसे हिंदी में रीमेक किया गया, हिंदी में बनी फिल्म में , जूही चावला, अमरीश पुरी और शिल्पा शिडोरकर को कास्ट किया गया था और फिल्म का नाम था बेनाम बादशाह।’

बॉलिवुड से मेरा पुराना कनेक्शन, ऑरिजनल कहानियों पर हिंदी फिल्म बनाना चाहता हूंपार्थिबन आगे बताते हैं, ‘मेरी फिल्म Ulle Veliye को भी हिंदी में रीमेक किया गया, जिसका नाम था मिस्टर आजाद, इस फिल्म में भी अनिल कपूर थे। कहने का मतलब है बॉलिवुड से मेरा पुराना कनेक्शन है। मैं अपनी ऑरिजनल कहानियों पर हिंदी फिल्म बनाना चाहता हूं। मुझे दूसरी बार 1999 में नैशनल अवॉर्ड फिल्म हाउसफुल के लिए मिला, हाउसफुल में मैंने 70 साल के बूढ़े व्यक्ति का रोल प्ले किया था। मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्म हाउसफुल का रीमेक बनें और 70 साल के बूढ़े व्यक्ति वाला रोल अमिताभ बच्चन निभाएं।’

बिग बी मेरी फिल्म एक बार देख लेंगे तो मैं उन्हें कन्वेंस कर लूंगा‘अगर बिग बी मेरी फिल्म एक बार देख लेंगे तो मैं उन्हें, उस रोल के लिए कन्वेंस कर लूंगा और वह तैयार भी हो जाएंगे। उस कहानी और किरदार की उम्र अमिताभ बच्चन पर खूब सूट करेगी। मैंने अमिताभ बच्चन जी के साथ फिल्म आखिरी रास्ता में काम किया है, उस फिल्म के निर्देशक भगीरथ थे और मैं फिल्म का असोसिएट डायरेक्टर था, इस तरह मैंने हिंदी फिल्म में के लिए भी काम किया है।’

मुझे अमिताभ बच्चन की तरह बनना है‘अमिताभ बच्चन मेरे इंस्पिरेशन हैं। आज मैं जिस भी उम्र का हो गया हूं, मुझे अमिताभ बच्चन बनना है। मैं जब भी किसी फिल्म के किसी भी फ्रेम में होता हूं तब ऐसा अभिनय करता हूं लोगों की नजर मुझसे हट नहीं पाती, ठीक इसी तरह अमिताभ बच्चन, जब भी किसी फ्रेम में होते हैं, उनके अलावा मुझे कोई और नहीं दिखाई देता है। मैं अमिताभ बच्चन को अप्रोच करने के लिए साउंड डिजाइनर रेसुल पुकुट्टी की मदद ले रहा हूं, वह बच्चन साहब को अच्छी तरह जानते हैं।’

‘गली बॉय’ ऑस्कर नॉमिनेशन विवाद ‘गली बॉय’ को बेस्ट इंटरनैशनल फीचर फिल्म कैटिगरी में 92वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की ऑफिशल एंट्री के रूप में चुना गया है। इस साल करीब 27 फिल्में ऑस्कर की इस दौड़ में शामिल थीं, लेकिन फिल्म फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने सर्वसम्मति से ‘गली बॉय’ को चुना। आर पार्थिबन ने ऑस्कर नॉमिनेशन के फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के पास अपनी फिल्म ‘Oththa Seruppu Size 7 (Single Slipper Size 7) को भेजा था, लेकिन फेडरेशन ने उनकी फिल्म का चुनाव नहीं किया।

‘गली बॉय’ हॉलिवुड फिल्म ‘8 Mile’ की कॉपी हैपार्थिबन ने हा, ‘जी हां, मैं सचमुच अपसेट हूं, बहुत ज्यादा अपसेट हूं, क्योंकि मेरी तमिल फिल्म Oththa Seruppu Size 7 ( Single Slipper Size 7 ) की स्क्रिप्ट ऑरिजनल है, कहीं से भी किसी भी तरह की कोई कॉपी नहीं है। मैंने अब तक फिल्म गली बॉय नहीं देखी है, लेकिन मैंने टाइम्स ऑफ इंडिया में पढ़ा था कि गली बॉय हॉलिवुड फिल्म 8 Mile की कॉपी है। हो सकता है गली बॉय अच्छी फिल्म हो। अच्छा है मैं अपना लक अगली बार ट्राय करूंगा।’

‘गली बॉय’ कॉपी है और उसे ऑस्कर के नॉमिनेशन में भेजा गया है‘मैं अपनी फिल्म के सिलेक्ट न होने से अपसेट नहीं हुआ, मुझे तो इस बात का दुःख है कि गली बॉय एक इंग्लिश फिल्म की कॉपी है और उसे ऑस्कर के नॉमिनेशन में भेजा गया है। फेडरेशन ने क्यों किसी भी ऑरिजनल फिल्म को कंसीडर नहीं किया। मुझे लगता है एक अच्छी फिल्म और अच्छी कहानी को प्रोत्साहित करना चाहिए। अगर भारत की ओर से ऑरिजनल फिल्म जाएगी तो ऑस्कर जीतने का मौका बढ़ जाएगा।’

फेडरेशन ने जब मेरी फिल्म को रिजेक्ट कर दिया‘फेडरेशन ने जब मेरी फिल्म को रिजेक्ट कर दिया तो मैं अपनी फिल्म के साथ सीधा अमेरिका पहुंच गया और वहां ऑस्कर की ज्यूरी को 2 हफ्ते तक अपनी फिल्म दिखाई। ज्यूरी ने फिल्म देखने के बाद फिलहाल मेरी फिल्म का नॉमिनेशन एप्लिकेशन वर्ल्ड ऑस्कर में एक्सेप्ट कर लिया है। अगर मेरी फिल्म को भारत की ओर से सिलेक्ट करके भेजा जाता तो यह बहुत खुशी की बात होती, चलिए कोई बात नहीं, कम से कम अगली बार फेडरेशन मेरी फिल्म को मौका दे।’

मेरी फिल्म में कई बातें यूनिक हैं‘चेन्नई फिल्म फेडरेशन ने एफएफआई को पूछा था कि आपको पार्थिबन की फिल्म पर स्पेशल मेन्शन में भेज सकते थे। मेरी फिल्म में कई बातें यूनिक हैं, जैसे फिल्म का डायरेक्शन, लेखन, ऐक्टिंग, प्रॉडक्शन और बाकी भी कई काम अकेले मैंने किया है। ऐसी एक फिल्म सुनील दत्त जी ने 1964 में बनाई थी, जिसमें वह अकेले ऐक्टर थे। उनके बाद इस तरह की फिल्म किसी और ने नहीं बनाई है, अब जाकर मैंने कोशिश की।’

हैरान कर देने वाली इस कहानी में अजीबो-गरीब हालात हैं‘फिल्म की कहानी अधेड़ उम्र के एक मसिलामणि नाम के सिक्यॉरिटी गार्ड की है, जो चेन्नई के एक चर्चित क्लब में काम करता है। उससे एक हत्या के संदिग्ध के तौर पर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं और इसी दौरान गंभीर रूप से बीमार उसका बेटा इन्वेस्टिगेशन रूम के बाहर उसका इंतजार कर रहा होता है। मसिलामणि की हैरान कर देने वाली इस कहानी में अजीबो-गरीब हालात हैं, जिसमें हास्य पैदा होता है और अचानक हाजिर जवाबी पैदा नजर आती है। फिल्म में अमीरी-गरीबी के बीच की खाई और मनोवैज्ञानिक तनाव को दिखाती है, जिससे जिंदगी में कई लोग जूझ रहे हैं। फिल्म में बाकी किरदारों को आप सिर्फ उनकी आवाज से महसूस कर पाएंगे।’

इस फिल्म से भी नैशनल अवॉर्ड मिलने की उम्मीद कर रहा हूं‘फिल्मों में ऐसा काम पहली बार हुआ है, इस तरह के युनिक काम को सरकार का प्रोत्साहन मिलना चाहिए। मैं अपनी इस फिल्म से भी नैशनल अवॉर्ड मिलने की उम्मीद कर रहा हूं। इस फिल्म के अलावा मैंने 60 और फिल्मों में अभिनय किया है। 12 फिल्मों का निर्माण कर चुका हूं। 1989 में मेरी फिल्म पुधिया पधाई और 1999 में फिल्म हाउसफुल को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का नैशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है। तीन कहानियां हैं, जिनमें काम कर रहा हूं। मैं अपनी अगली फिल्म हिंदी में बनाऊंगा, उसके बाद ऑस्कर में भेजूंगा।’

Source: Entertainment

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