24 Jun 2026, Wed

साध्वी प्रज्ञा को बीजेपी विधायक ने बताया 'भगवा शेरनी', कहा- दिग्विजय सिंह ने रची थी साजिश

भोपाल
भोपाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद को राजगढ़ से कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी ने जिंदा जलाने की धमकी दी थी। बाद में वह अपने बयान से पलट गए और कहा कि यदि वह उन्हें देखने आती हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। उधर, विधायक ने कहा है कि की छवि धूमिल करने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने यह साजिश रची थी लेकिन वह (साध्वी प्रज्ञा) ” हैं जो इस तरह की धमकियों से कभी नहीं डरेंगी।

शर्मा ने हमारे सहयोगी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, ‘कांग्रेस नेता दांगी का साध्वी प्रज्ञा को जलाने वाला बयान असल में वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की देन है। लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद से वह साध्वी की छवि धूमिल करने की बार-बार कोशिश करते रहते हैं। दांगी दिग्विजय सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं और साध्वी को जिंदा जलाने वाला बयान भी पूर्व नियोजित है। लेकिन प्रज्ञा इस तरह के बयानों से नहीं डरेंगी। प्रज्ञा भगवा शेरनी हैं, वह भारत माता के लिए जियेंगी और भारत माता के लिए ही मरेंगी।’

पढ़ें:

साध्वी ने लिखा- जय होसाध्वी प्रज्ञा के बयानों से पैदा होने वाले राजनीतिक तूफानों में उनका पक्ष लेने वालों में रामेश्वर शर्मा भी एक हैं। उन्होंने मंगलवार को इस मामले पर कुछ कॉमेंट्स भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे जो कि ट्विटर समेत कई अन्य माध्यमों पर वायरल हो गए थे। इस पर प्रज्ञा ने उन ट्वीट्स को रीट्वीट करते हुए लिखा था- जय हो। बता दें कि हाल ही में लोकसभा में महात्मा गांधी और को लेकर दिए गए बयानों के बाद वह विवादों में फंस गई थीं। इसके बाद उन्हें लोकसभा में माफी भी मांगनी पड़ी थी।

प्रज्ञा बोलीं- आ रही हूं, जला लीजिए
साध्वी ने दांगी के इस बयान पर अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘कांग्रेस को जिंदा जलाने का पुराना अनुभव है। वर्ष 1984 में सिखों को और नैना साहनी को तंदूर में जलाने तक का। राहुल गांधी ने आतंकी कहा और उनके विधायक गोवर्धन दांगी मुझे जलाएंगे। ठीक है तो मैं आ रही हूं ब्यावरा उनके निवास मुल्तानपुर पर 8 दिसंबर को शाम 4 बजे, जला लीजिए।’

क्या है मामला?
लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक, 2019 पर चर्चा हो रही थी। डीएमके सांसद ए. राजा जब इस बिल पर अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा, ‘गोडसे ने स्वीकार किया था कि गांधी की हत्या का फैसला करने से पहले 32 सालों तक उसके मन में गांधी के प्रति द्वेष पनप रहा था।’ राजा ने कहा कि गोडसे ने गांधी को मारा क्योंकि वह एक खास विचारधारा में विश्वास रखता था। इस बीच प्रज्ञा ने उन्हें टोकते हुए नाथूराम को लेकर टिप्पणी की। उनकी टिप्पणी पर सदन में हंगामा हो गया। फिर लोकसभा अध्यक्ष ने साध्वी प्रज्ञा की इस टिप्पणी को सदन के रिकॉर्ड से निकलवाने का निर्देश दिया।

इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए

Source: Madhyapradesh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *