10 May 2026, Sun

भारत-अमेरिका '2+2 डायलॉग' में दिखी पुरानी दोस्ती

वॉशिंगटन
भारत और अमेरिका के ‘2+2 डायलॉग’ में क्षेत्रीय सहयोग, रक्षा संबंध, आतंकवाद और व्यापारिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका भारत के लोकतंत्र का सम्मान करता है। भारत के नागरिकता कानून पर पॉम्पियो ने कहा कि भारत में इसपर विस्तृत और सशक्त चर्चा हुई है। भारत के रक्षा मंत्री ने मीटिंग के बाद साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तानी नेताओं के हिंसा को उकसाने वाले बयान शांति के लिए ठीक नहीं हैं।

दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों ने इस मीटिंग में हिस्सा लिया। भारत और अमेरिका ने आपसी सैन्य व्यापार, द्विपक्षीय सहयोग, पैसिफिक रीजन में शांति के प्रयास और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई। दोनों देशों के बीच रक्षा, विज्ञान और टेक्नॉलजी के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों से संबंधित समझौतों पर भी सहमति बनी।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद कहा, ‘हमने भारतीय समुद्र क्षेत्र के साथ-साथ अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका की परिस्थितियों पर अपनी राय साझा की। हमने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी नेताओं द्वारा भारत विरोधी हिंसा को बढ़ावा देना और आडंबरपूर्ण बातें करना शांति के लिए ठीक नहीं है।’

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘इस मीटिंग में हमारे आंतक विरोधी प्रयासों को लेकर भी चर्चा हुई। बॉर्डर पार से आने वाले आतंकियों और क्षेत्रीय खतरों के प्रति हमारी आपसी सहमति के चलते हमारे आतंक विरोधी प्रयासों में काफी सुधार हुआ है। मैं सेक्रेटरी पॉम्पियो के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने चाबहार प्रॉजेक्ट के लिए अमेरिकी सरकार के समर्थन की बात कही। इस प्रॉजेक्ट से अफगानिस्तान को बड़ा फायदा होगा।’

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा, ‘हमने क्षेत्रीय चुनौतियों को लेकर महत्वपूर्ण और सकारात्मक चर्चा की। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा के प्रति और पूरे विश्व के प्रति भारत के नजरिए का हम सम्मान करते हैं।’ माइक पॉम्पियो ने आगे कहा कि अफगानिस्तान का भविष्य भारत और अमेरिका दोनों के लिए महत्व रखता है। हम अफगानिस्तान में भारत के योगदान की सराहना करते हैं।

भारत के नागरिकता कानून को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में माइक पॉम्पियो ने कहा, ‘हम हमेशा से अल्पसंख्यकों के हितों के लिए चिंता करते हैं और हर जगह उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े होंगे। हम भारत के लोकतंत्र का सम्मान करते हैं क्योंकि उन्होंने इस मुद्दे पर पर्याप्त और सशक्त बहस की। इस मुद्दे पर ना सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में संयुक्त राष्ट्र का एक ही स्टैंड रहेगा।’

क्या मीटिंग में क्षेत्रीय स्थिरता और खासकर पाकिस्तान की ओर से भारत और अफगानिस्तान को निशाना बनाने वाले आतंकियों पर भी इस मीटिंग में चर्चा हुई? इस सवाल के जवाब में माइक पॉम्पियो ने कहा, ‘हम आंतकवाद को लेकर भारत सरकार के साथ अपनी साझेदारी के बारे स्पष्ट हैं, चाहे यह पाकिस्तान में पैदा हो रहा हो या कहीं और। हम अमेरिकी लोगों को आतंकवाद से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही साथ हम भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों के साथ मिलकर भारत के लोगों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।’

अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर
स्टेट सेक्रेटरी यानी रक्षा मंत्री के समकक्ष मार्क एस्पर ने कहा, ‘हमारे रक्षा संबंध काफी मजबूत हैं। पिछले साल शुरू हुए 2+2 डायलॉग के बाद इनमें और सुधार आया है। लोकतांत्रिक होने के नाते भारत और अमेरिका के हित में है कि इंडो-पैसिफिक रीजन स्वतंत्र और समृद्ध बने। इसकी सफलता के लिए हमारे आपसी संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सैन्य क्षेत्र में हमारी प्रगति जारी है।’

मार्क एस्पर ने आगे कहा, ‘हमारी रक्षा और तकनीकी साझेदारी लगातार बढ़ रही है। हमने तीन समझौते किए हैं, जिनके तहत डिफेंस टेक्नॉलजी और व्यापारिक पहल के माध्यम से जरूरी टेक्नॉलजी के विकास की ओर आपसी सहयोग से काम किया जाएगा।’

Source: International

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