
भारत में CAA और एनआरसी के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बारे में पाकिस्तानी नेता अकसर ऊट-पटांग बयान देते रहे हैं और वे लोगों को उकसाने की कोशिश करते रहते हैं। अब पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भी कुछ ऐसी ही बात कही है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ज्यादा सही साबित हो रही है। दरअसल यह सिद्धांत कहता है कि धर्म के आधार पर देश अलग-अलग होने चाहिए।
बुधवार को मोहम्मद अली जिन्ना की 143 जयंती के मौके पर बाजवा ने कहा, ‘दो राष्ट्र के सिद्धांत के आधार पर पाकिस्तान का गठन करने की जिन्ना की सोच आज और अधिक स्वीकार्य वास्तविकता है। हमें पाकिस्तान देने के लिए हम उनका कितना भी शुक्रिया अदा करें, वह कम ही होगा।’ बाजवा ने कहा कि मुश्किल वक्त में अल्पसंख्यकों समेत सभी पाकिस्तानी साथ आए हैं। उन्होंने कहा कि जिन्ना का दृष्टिकोण ‘आस्था, एकता और अनुशासन’ के सिद्धांतों के साथ पाकिस्तान को आगे ले जाने के लिए लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पहले ही कह दिया है कि वह भारत में गैरकानूनी रूप से रहने वाले पाकिस्तानी मुस्लमों को वापस स्वीकार नहीं करेगा। सीएए के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देने के मामले में गृह मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान इसलिए है क्योंकि कुछ धर्म वहां अल्पसंख्यक हैं और बांग्लादेश, पाकिस्तान का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था।
Source: International
