
पोलियो के लिए नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) के समन्वयक राणा सफदर ने कहा कि 2019 में पूरे साल पोलियो वायरस फैलने के कई कारण हैं। उन्होंने डॉन न्यूज को बताया, ‘‘नियमित टीकाकरण कवरेज में सुधार के प्रयासों के साथ फरवरी और अप्रैल 2020 में दो फॉलोअप राष्ट्रीय अभियानों की योजना बनाई गई है, हालांकि, सभी स्तरों पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।’’ 2018 के 12 मामलों और 2017 के सिर्फ आठ मामलों के मुकाबले इस साल पोलियो के 119 मामले सामने आए हैं।
इस साल के प्रांतीय आंकड़ों से पता चलता है कि खैबर पख्तूनख्वा से 83 मामले, सिंध से 21, बलूचिस्तान से नौ और पंजाब से छह मामले सामने आए हैं। दुनिया में केवल दो देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान से पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं।
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