
कुद्स फोर्स के चीफ कासिम सुलेमानी की हवाई हमले में मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री माइकल पॉम्पियो ने रविवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। इस दौरान क्षेत्र में ईरान की तरफ से संभावित खतरे का जवाब देने पर चर्चा हुई। इससे पहले इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास और बलाद एयर बेस पर शनिवार देर रात ईरान समर्थक मिलिशिया ने कई रॉकेट हमले किए।
ईरान के खतरे का मुकाबला करने पर चर्चा
पॉम्पियो ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘इजरायली पीएम और मैंने इस क्षेत्र के लिए ईरान के घातक प्रभाव और खतरों का मुकाबला करने के महत्व पर आपस में चर्चा की। आतंकवाद को हराने में इजरायल के लगातार समर्थन के लिए मैं हमेशा आभारी हूं। इजरायल और अमेरिका के बीच का संबंध अटूट है।’
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ट्र्ंप के फैसले के समर्थन में उतरे थे नेतन्याहू
अमेरिका के हवाई हमले के बाद इजरायली पीएम नेतन्याहू शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन के समर्थन में उतरे थे। बगदाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट के पास एयर स्ट्राइक में ईरान की एलीट कुद्स फोर्स (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की ब्रांच) के चीफ कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी। नेतन्याहू ने इस पर कहा कि अमेरिका के पास आत्मरक्षा का अधिकार है।
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‘कासिम निर्दोष नागरिकों की मौत का जिम्मेदार’
नेतन्याहू ने एक ट्वीट में कहा, ‘जिस तरह से इजरायल के पास सेल्फ डिफेंस का अधिकार है, ठीक उसी तरह अमेरिका के पास भी यही अधिकार है। कासिम सुलेमानी अमेरिकी नागरिकों और कई निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार है। वह ऐसे कई और हमलों की तैयारी कर रहा था।’
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ईरान ने अमेरिका को दी बदले की धमकी
अमेरिकी विदेश मंत्री ने शनिवार को कहा कि सुलेमानी को मारने के ट्रंप प्रशासन के फैसले ने कई अमेरिकी नागरिकों की जान बचा ली। दूसरी ओर ईरान ने शुक्रवार को जनरल सुलेमानी की हत्या को जघन्य अपराध करार देते हुए अमेरिका से बदला लेने की धमकी दी थी।
Source: International
