11 May 2026, Mon

NZ दौरा चैलेंजिंग लेकिन मैं तैयार हूं: रोहित शर्मा

नई दिल्ली
हाल ही में टेस्ट ओपनर की जिम्मेदारी संभालने वाले मानते हैं कि न्यू जीलैंड का घातक फास्ट बोलिंग अटैक अपने घर में और भी ज्यादा कारगर साबित होता है क्योंकि वह अपनी योजनाओं को बखूबी अंजाम देते हैं। लेकिन इसके बावजूद रोहित मानते हैं कि वह आने वाले चैलेंज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। टेस्ट में ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब तक एक दोहरे शतक समेत तीन शतक ठोक चुके रोहित इस बार न्यू जीलैंड जाकर नई लाल गेंद से नील वैगनर, मैट हैनरी, ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी के मिश्रण वाले पेस अटैक का सामना करेंगे। यहां भारतीय टीम को दो टेस्ट मैच खेलने हैं, जो फरवरी में वेलिंग्टन और क्राइस्टचर्च में खेले जाएंगे।

इस दौरे को लेकर रोहित ने चर्चा करते हुए बताया, ‘क्रिकेट खेलने के लिए न्यू जीलैंड कोई आसान जगह नहीं है। पिछली बार जब हम यहां खेले थे, तो हमने यहां (0-1) से टेस्ट सीरीज गंवाई थी। लेकिन इसके बावजूद हमने उनके सामने अच्छी चुनौती पेश की थी। लेकिन हमारा मौजूदा बोलिंग अटैक पहले के मुकाबले अब बिल्कुल अलग है।’

रोहित टेस्ट क्रिकेट में पहली बार नई गेंद से बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस पर उन्होंने कहा, ‘निजी रूप से मेरे लिए बिना किसी शक के यह चुनौतीपूर्ण होगा। यहां मुझे नए गेंद का सामना करना होगा।’ रोहित बखूबी जानते हैं कि भारत से बाहर की इन पिचों पर गेंद कहीं ज्यादा स्विंग और सीम करती है। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ बीते साल खेली गई घरेलू सीरीज भी भारत में स्वागत योग्य वाले बदलाव के साथ खेली गई थी। अब भारत की पिचें अपने पुराने स्वभाव से अलग हो रही हैं, अब ये ऐसी नहीं रहीं जैसा की उपमहाद्वीप की पिचों को माना जाता है।

रोहित ने भारतीय पिचों की तारीफ करते हुए कहा, ‘किसी भी परिस्थिति में नए गेंद का सामना करना आसान नहीं होता। भारत के बाहर तो यह और भी मुश्किल भरा होता है। लेकिन जब हम साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 टेस्ट मैच की सीरीज खेल रहे थे और मैंने इससे पहले कभी भी भारत में बॉल को इतना स्विंग होते नहीं देखा था जितना यह पुणे टेस्ट (दूसरे टेस्ट) में घूम रहा था। शुरुआती कुछ ओवर जो उन्होंने (SA) फेंके थे, तब पिच पर नमी थी और उन्हें इस पिच बहुत ज्यादा मदद मिल रही थी। रांची में (जहां रोहित ने दोहरा शतक बनाया) भी, हम थोड़े ही समय में तीन खिलाड़ी खो चुके थे। लेकिन मैं जानता हूं कि वहां (NZ) बैटिंग में क्या उम्मीद की जाती है मैं पिछली बार (2014) भी वहां खेला था। परिस्थितियां आसान नहीं होंगी लेकिन मैं उनके लिए तैयार रहूंगा।’

रोहित ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में संपन्न हुई टेस्ट सीरीज पर नजरें रखी थीं, जहां ऑस्ट्रेलिया ने न्यू जीलैंड को 3-0 से पटकनी दी है। रोहित टीम इंडिया के बोलिंग यूनिट की निरंतरता से भी प्रभावित हैं, जो दुनिया के किसी भी इंटरनैशनल अटैक से कहीं भी कम नहीं है। वे (भारतीय गेंदबाज) भी योजनाओं के साथ आते हैं और उन पर काम आते हैं। यह चीज भारत को घाटक बोलिंग अटैक वाली टीम बनाती है।

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बीता साल (2019) रोहित शर्मा के बहुत शानदार गुजरा है। उन्होंने खेल के सभी फॉर्मेट में 2442 रन बनाए। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि इस पर क्या कहना है लेकिन एक टीम के रूप में हमने जो भी अचीव किया इससे मैं बहुत खुश हूं। अगर आप मुझे जानते हैं तो यह बखूबी जानते होंगे कि मेरे लिए कभी भी मेरा निजी प्रदर्शन मायने नहीं रखा। यह रेकॉर्ड (एक साल में 2442 रन) अच्छा है लेकिन हर सीरीज को जीतना हमारा फोकस है। अगर आप अच्छा खेल रहे हैं तो मील के पत्थर स्थापित होते ही रहेंगे।’

इस बल्लेबाज ने कहा, ‘मैं बस इतना कहूंगा कि अब मैं अपने खेल को पहले से भी ज्यादा बखूबी समझता हूं कि मुझे कैसे खेलना है। अपनी योजनाओं पर अड़े रहता हूं और सही मायनों में यह मेरे लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।’

Source: Sports

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