
चुप्पी साधे हुए हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी आवाजें उठ रही हैं और लोगों का कहना है कि ऐसे मामले पर सीनियर ऐक्टर्स का न बोलना ठीक नहीं है।
हाल ही में भी जेएनयू पहुंची थीं और इस मसले पर स्टूडेंट्स के समर्थन में खड़ी दिखी थीं। इसे लेकर भी काफी कॉन्ट्रोवर्सी हुई और लोगों ने यहां तक कह दिया कि यह सब ऐक्ट्रेस ने पब्लिसिटी के लिए किया।
अब इस मामले पर ने शुक्रवार को ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘मैंने हमेशा कोशिश की कि हमें उचित तथ्यों का इंतजार करना चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि हम शांति और भाइचारे की भावना को आगे बढ़ाएं। इसमें किसी भी तरह से लापरवाही नहीं करनी चाहिए।’
बता दें, अजय ऐसे सीनियर ऐक्टर हैं जिन्होंने इस मामले पर अपनी राय दी है। उनकी फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ भी दीपिका की ‘छपाक’ के साथ रिलीज हुई है।
इससे पहले भी अजय ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं सुबह से ये खबरें देख रहा हूं जो बेहद परस्पर विरोधी मामला है। अभी तक हमें यह पता नहीं चला है कि किसने क्या किया है। जब तक सबकुछ साफ नहीं हो जाता है, उससे पहले इस मामले पर कॉमेंट नहीं किया जा सकता है। हालांकि, जो कुछ भी हो रहा है, वह दुखद है। जो कोई भी कर रहा है, गलत कर रहा है। हिंसा किसी चीज का हल नहीं है और इससे हमारे देश को ही नुकसान हो रहा है।’
अजय ने कहा था कि जब तक हम किसी मामले को पूरी तरह से जानते न हों, हमें चुप रहना चाहिए। अगर लोगों को लगता है कि इस मामले पर कुछ नहीं बोलने का मतलब दोषियों के साथ खड़ा होना है तो यह बेवकूफी है। हम आग में और घी नहीं डाल सकते हैं।
क्या था पूरा मामला?
बता दें, 5 जनवरी को नकाबपोशों की भीड़ ने डंडे और छड़ लेकर जेएनयू कैंपस के अंदर स्टूडेंट्स और टीचर्स पर अटैक किया था। इस घटना में जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष समेत 34 लोग घायल हो गए थे।
Source: Entertainment
