
न्यू यॉर्क में रहने वाले एक बधिर (सुनने में असमर्थ) शख्स ने तीन पॉर्न वेबसाइटों के खिलाफ वर्ग भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है। व्यक्ति ने अपनी अर्जी में कहा है कि सबटाइटल के बिना वह वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री का पूरा-पूरा लुत्फ नहीं उठा पाता है।
ब्रुकलीन फेडरल कोर्ट में गुरुवार को दी गई अर्जी में यारोस्लाव सुरिज नामक शख्स पॉर्नहब, रेडट्यूब और यूपॉर्न तथा उसकी कनाडाई मुख्य कंपनी माइंडगीक के खिलाफ मुकदमा दायर कर कहा है कि वे ‘अमेरिकंस विद डिसबिलिटी ऐक्ट’ (विकलांगों के लिए अमेरिकी कानून) का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे पहले भी सुरिज इसी बात को लेकर फॉक्स न्यूज के खिलाफ मुकदमा कर चुके हैं।
उन्होंने कहा था कि वह अक्टूबर और इस महीने कुछ विडियो देखना चाहते थे, लेकिन नहीं देख पाए। सुरिज ने 23 पन्ने की अपनी अर्जी में लिखा है, ‘सबटाइटल के बिना बधिरों और ऐसे लोगों को जिन्हें कम सुनाई देता है, वे विडियो का पूरा-पूरा लुत्फ नहीं उठा पाते हैं जबकि सामान्य लोगों को पूरा आनंद मिलता हैं।’ सुरिज ने कहा कि वह चाहते हैं कि पॉर्न वेबसाइटें सबटाइटल दें। उन्होंने इन कंपनियों से हर्जाने की भी मांग की है। पॉर्नहब के वाइस प्रेजिडेंट कोरी प्राइस ने एक बयान जारी कर कहा है कि वेबसाइट पर सबटाइटल वाला भी एक सेक्शन है और उसका लिंक भी दिया गया है।
Source: International
