12 May 2026, Tue

सू ची और शी की मुलाकात के दौरान बीआरआई को गति देने के लिये चीन-म्यामां में हुए 33 समझौते

नेपीता (म्यामां), 18 जनवरी (भाषा) चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और म्यामां की नेता आंग सान सू ची के बीच यहां हुई मुलाकात के बाद चीन और म्यामां के बीच शनिवार को 33 आधारभूत परियोजनाओं के समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। रोहिंग्या मुसलमानों के साथ बुरे बर्ताव को लेकर कई पश्चिमी देशों की आलोचना मोल लेने वाले म्यामां के समर्थन में चीन खड़ा हुआ है। शी की दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन उनसे मुलाकात के दौरान सू ची ने रोहिंग्या मुद्दे को लेकर म्यामां की आलोचना करने वाले पश्चिमी देशों को आड़े हाथों लिया। म्यामां की सेना द्वारा कथित तौर पर हमले किये जाने के बाद सात लाख 30 हजार से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान पड़ोसी बांग्लादेश भाग गए थे जिससे वैश्विक शरणार्थी संकट शुरू हो गया। शी और सू ची ने 33 समझौतों पर हस्ताक्षर किये जिनमें राजनीति, व्यापार, निवेश, लोगों से लोगों के स्तर पर संपर्क, बेल्ट और रोड पहल (बीआरआई) से जुड़ी परियोजनाओं से जुड़े समझौते शामिल हैं। बीआरआई चीन के नए व्यापार मार्ग को रेखांकित करता है जिसे “21वीं सदी का रेशम मार्ग” करार दिया जाता है। बातचीत के दौरान सू ची ने शी को बताया कि म्यामां-चीन आर्थिक गलियारे के निर्माण को बढ़ावा देना और परिवहन, ऊर्जा, उत्पादन क्षमता, मानवीय एवं सांस्कृतिक विनिमय, सीमावर्ती इलाकों और क्षेत्रीय मामले म्यामां की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देश मानवाधिकार, जातीयता एवं धर्म के बहाने से दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की मंशा रखते हैं और म्यामां ऐसा हस्तक्षेप कभी स्वीकार नहीं करेगा। सरकारी समाचार पत्र चाइना डेली की खबर के मुताबिक, सू ची ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन मझोले और छोटे देशों के लिये न्याय को बरकरार रखेगा। रोहिंग्या संकट को लेकर खामोशी की वजह से सू ची को वैश्विक स्तर पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। शी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि चीन म्यामां का एक भरोसेमंद दोस्त है और हमेशा दूसरे देशों के मामले में हस्तक्षेप नहीं करने के सिद्धांत को बरकरार रखते हुए दूसरे देशों के विकास के पथ का सम्मान करेगा। दैनिक ने अपनी खबर में शी को उद्धृत करते हुए कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर म्यामां के लिये न्याय तथा उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता व वैध हितों का समर्थन करता रहेगा।

Source: International

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