3 May 2026, Sun

मस्जिद तोड़ने वालों को मिला इनाम: ओवैसी

हैदराबाद
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में केंद्र सरकार ने बाबरी मस्जिद विध्‍वंस में आरोपी को अध्‍यक्ष और वीएचपी के वाइस प्रेसिडेंट को महासचिव बनाया है। केंद्र सरकार के इस फैसले पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए हैं। ओवैसी ने कहा कि यह नया भारत है जहां पर आपराधिक काम करने वाले को पुरस्‍कार दिया जाता है।

दास और राय के मुद्दे पर एआईएमआईएम अध्‍यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्‍होंने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद को ढहाए जाने को राष्‍ट्रीय शर्मिंदगी बताया था। यह उसका सिक्‍वल है। एक व्‍यक्ति जो बाबरी मस्जिद गिराए जाने का आरोपी है, उसे सरकार ने राम मंदिर बनाने का जिम्‍मा दिया है। यह नया भारत है जहां पर आपराधिक कार्यों को पुरस्‍कार दिया जाता है।’

बता दें कि लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने अयोध्या के सबसे बड़े मठ मणिराम छावनी के महंत नृत्‍य गोपाल दास को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्‍ट का अध्‍यक्ष और वीएचपी के उपाध्यक्ष चंपत राय को महासचिव बनाया है। महंत नृत्‍य गोपाल दास 1984 से ही मंदिर आंदोलन से जुड़े हैं। उनकी अध्यक्षता में मंदिर कार्यशाला में राम मंदिर के लिए पत्थरों को तराशने का काम चला। विवादित ढांचा विध्वंस की घटना में सीबीआई कोर्ट में दास और राय पर आपराधिक धाराओं में केस चल रहा है।

अमित शाह ने दूर की थी महंत की नाराजगी
इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्‍ट में महंत नृत्‍य गोपाल दास का नाम न शामिल होने पर संतों के एक गुट में नाराजगी फैल गई थी। मणिराम दास छावनी में अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और बीजेपी के महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा को प्रवेश से रोक दिया गया था। इसके साथ ही राजनीतिक खेमे में भी हड़कंप मच गया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्‍वयं बात कर महंत को आश्‍वासन दिया था, जिसके बाद उनकी नाराजगी दूर हुई।

अशोक सिंहल के विश्‍वासपात्र रहे चंपत राय
दूसरी ओर, ट्रस्‍ट के महासचिव बनाए गए चंपत राय ने अपने करियर की शुरुआत भौतिक विज्ञान के प्रवक्‍ता से की। वह बिजनौर के एक कॉलेज में लेक्‍चरर रहे। इसके बाद वह संघ से जुड़ गए और प्रचारक की जिम्मेदारी संभाली। 1984 से वीएचपी के तत्‍कालीन अध्यक्ष अशोक सिंहल के विश्‍वासपात्र सहयोगी के रूप में मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई। वह मंदिर आंदोलन की व्यवस्था और रणनीतिकारों के तौर पर जाने जाते हैं। वीएचपी की राम जन्म भूमि न्यास के मंत्री रहे हैं। मंदिर की अयोध्या ट्रस्‍ट का वित्तीय लेखा जोखा का नियंत्रण चंपत राय के हाथ में रहा है।

Source: National

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