2 May 2026, Sat

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ईको सेंसेटिव जोन प्लान बनाने हेतु लिये गए महत्वपूर्ण निर्णय


शहडोल (मो.शब्बीर बयूरो चीफ शहडोल)- कमिष्नर शहडोल संभाग श्री नरेष पाल की अध्यक्षता में बुधवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ईको सेंसेटिव जोन के जोनल मास्टर प्लान तैयार करने हेतु पारिस्थितिक संवेदीजोन की माॅनीटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व श्री विंसेंट रहीम ने बताया कि डच्ज्ठ द्वारा जोनल मास्टर प्लांन तैयार करने हेतु प्च्म् ळसवइंस ब्वदेनसजंदज को इस संदर्भ में संस्था द्वारा स्थानीय व्यक्तियों एवं संबंधित ग्राम पंचायतो के लोगों से चर्चा की गई है तथा जोनल मास्टर प्लांन तैयार करने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। प्च्म् ळसवइंस संस्था के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि जोनल मास्टर प्लान तैयार करने के लिये तकनीकी समिति का गठन कर लिया गया है। अब तक लगभग 15 गांव के लोगों से चर्चा की गई है। उन्हेाने बताया कि ईकों सेंसेटिव जोन में लगभग 1 लाख 37 हजार लोग आएगें, जिन्हें पर्यावरण पर आधारित रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि ईको सेंसेटिव जोन तैयार करने के लिये उस क्षेत्र के लोगों से निरंतर चर्चा की जा रही है। उनके द्वारा जोनल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया गया जिसमें सभी समिति सदस्यों से सुझाव/टिप्पणी मांगी गई है जिसके उपरांत थ्पदंस वितउंज जारी किया जाएगा। उन्होने बताया कि ईकेा सेेंसेटिव जोन बनाने का उद्ेष्य पर्यावरण की सुरक्षा है पर्यावरण की सुरक्षा के लिये जोन क्षेत्र में रहने वाले किसानों और मजदूरों को रोजगार के अवसर वनो पर आधारित रोजगार मुहैया कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सषक्त बनाना है। उन्होने बताया कि जोन क्षेत्र में रहने वाले किसानों और मजदूरों को कैसे रोजगार उपलब्ध कराना है शासन के गाइडलाइन के अनुसार कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होने बताया कि ईको सेंसेटिव जोन क्षेत्र में निर्माण कार्याें को तीन भागों में विभाजित किया गया है- 1. प्रतिसिद्ध 2. विनियमित 3. अनुमत्य। बैठक में क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के आसपास के क्षेत्रो में होटलों के विस्तार के आवेदन आये है। इसी प्रकार बांधवगढ़ क्षेत्र में बैगर अनुमति के आवासो का निर्माण करने वाले 07 व्यक्तियों को नोटिस दिये गए है। बैठक में कमिष्नर ने निर्देष दिए कि होटलों के विस्तार से संबंधित आवेदनों का राजस्व विभाग द्वारा परीक्षण कर नियमानुसार उन पर कार्यवाही करें, वहीं बाधवगढ़ क्षेत्र में बैगर अनुमति के आवासो का निर्माण करने वालों के विरूद्व नोटिस देकर नियमानुसार कार्यवाही करें। बैठक में क्षेत्र संचालक द्वारा बताया गया कि उमरिया जिले में माइनिंग काॅर्पाेरेषन भोपाल द्वारा 5 रेत खदानें इको सेंस्टिव जोन में स्वीकृत कर दी गई हैं जिसको निरस्त करने की प्रक्रिया चालू है। बैठक मे कमिष्नर ने निर्देष दिए कि बांधवगढ क्षेत्र के 132 गांवो में शासकीय अधिकारियेा द्वारा निर्माण कार्याें से संबंधित या अन्य किसी भी प्रयोजन से स्वीकृति प्रदान की जाती है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में किस आधार पर निर्माण कार्याें के लिये या अन्य प्रयोजन के लिये किन नियमों के तहत अनुमतियां दी जा सकती है, इसकी जानकारी सभी अधिकारियों को होना चाहिए। इसके लिये समुचित प्रचार सामग्री तैयार कर क्षेत्र के सभी 132 गांव के सार्वजनिक स्थानो में चस्पा किया जाएं। बैठक में अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व श्री विंसेंट रहीम, वन सरंक्षक एवं पदेन वनमण्डलाधिकारी श्री आर0एस0 सिकरवार, उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व श्री सिद्वार्थ गुप्ता एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहें।

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