कोरिया जिला- में स्थित सरभोका क्षेत्र के मिली हुई जानकारी के अनुसार राज्य शासन एवं शिक्षा मंडल द्वारा स्कूलों को कार्यदक्षता रूप से संचालन की अनुमति तो दे दी गई है, मगर वास्तविकता पर नज़र डाला जाए तो स्कूलों के शिक्षकों को भी कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है जिनमें से प्रमुख है स्कूल बस के परिचालन की अनुमति ना मिल पाना,
जहां इन दिनों स्कूलों में नाम मात्र के बच्चे ही नज़र आ रहे हैं जो कि ज़्यादातर कक्षा नौंवी से बारहवीं के हैं, जिनमें स्कूल के करीब निवासरत बच्चे ही स्कूल में उपस्थित हो पा रहे हैं, बस के परिचालन ना हो पाने से ज़्यादातर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने में काफी दिक्कतें हो रही हैं, और इस तरह बच्चों के शिक्षा पर भी काफ़ी गहरा असर पड़ रहा है।।
आपको बता दें कि स्कूल के प्रबंधक अनिल अग्रवाल से बात करने पर उनसे यह जानकारी प्राप्त हुई कि उनकी तरफ से अभिभावकों से स्कूल बस की सेवा संबंधित कोई भी शुल्क नहीं ली जा रही है, साथ ही विगत दिनों इस संबंध में हमने जब स्कूल प्रबंधन से चर्चा की, चर्चा के दौरान जानकारी में यह बात सामने आई कि विगत दिनों स्कूल प्रबंधन द्वारा क्षेत्र के एस डी एम को विद्यालय में बच्चों के आवागमन के लिए बस परिचालन का आदेश दिए जाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया, परंतु, किन्हीं कारणवश एस डी एम से मुलाकात ना हो सकी।
स्कूल प्रबंधन ने उनके कार्यकाल में आवेदन कर दिया है, जल्द ही क्षात्रों को बस से स्कूल की अनुमति मिल जाएगी।।
स्कूल के प्रबंधक अनिल अग्रवाल महोदय ने अपनी बात रखते हुए यह भी कहा कि 2-4 दिनों के भीतर एस डी एम की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलने पर अभिभावकों से सहमति पत्र लिया जाएगा और दोबारा स्कूल प्रबंधन एस डी एम के दरवाज़े पर दस्तक दी जाएगी।
