कोरिया- करीबन डेढ़ महीने से नव निर्मित जिले मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एम.सी.बी) को ले कर प्रायः ही वाद विवाद की स्थितियां देखीं गई हैं, शुरुआत में चिरमिरी का नाम संयुक्त जिले में ना देख कर चिरमिरी शहर के नगरवासियों ने चिरमिरी के अस्तित्व की लड़ाई संघर्ष के रूप शुरू की, जिसका असल उद्देश्य चिरमिरी का नाम संयुक्त जिले में ना सिर्फ देखना था पर जिला मुख्यालय भी चिरमिरी में बनना चाहिए इस बात को ले कर ये संघर्ष जारी है।
अपनी इस मांग को ले कर चिरमिरी के संघर्ष समिति ने अभी तक हार ना मानते हुए, अभी हाल ही में, दिनांक 26/09/2021, रविवार के दिन, चिरमिरी से रायपुर मुख्यमंत्री आवास तक के लिए पद यात्रा का आयोजन किया गया, जिसे दस दिनों के भीतर रायपुर मुख्यमंत्री आवास पहुंच कर सफ़ल किया जाना है।
नव निर्मित जिले को ले कर भारतीय जनता पार्टी की जिला पंचायत कोरिया की अध्यक्ष रेणुका सिंह के द्वारा मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को लिखा हुआ एक पत्र सामने आया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को स्वतंत्रता दिवस 15/08/2021 के दिन कोरिया जिला से हटा कर मनेंद्रगढ़ को नए जिला बनाने की बधाई दी, जिसके साथ ही, इस आभार पत्र के माध्यम से उन्होंने उनका ध्यान जिला कोरिया के बदलते हुए शांत मगर संघर्षों से जूंझते माहौल की तरफ़ आकर्षित करने की इच्छा जाहिर की, इस आभार पत्र में अपनी बात मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के समक्ष रखते हुए उन्होंने चार नए जिले बनाने का सुझाव भी दिया, जिसमें मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के अलावा अब चौथा नाम खड़गवां का भी आ रहा है।
इस पत्र में कहीं गई सभी बातों पर साथ ही नए जिले में खड़गवां क्षेत्र को भी सम्मिलित करने की बात को ले कर रेणुका सिंह के सुझाव पर गौर किया जाए तो कहीं ना कहीं यह सुझाव के साथ साथ मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को दिए गए किसी तानेबाजी से कम नहीं, क्योंकि रेणुका सिंह ने अपने इस आभार एवं सुझाव पत्र में यह भी लिखा है कि अगर मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ऐसा करते हैं, तो रेणुका सिंह मुख्यमंत्री के इस क्षेत्र में आगमन पर एक लाख दिए से उनकी आरती उतारेंगी, विपक्षी दल की तरफ़ से आभार पत्र में इन बातों को लिखा देख कर लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठते नज़र आ रहे हैं, कोरिया जिला से हटा कर मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर को नए जिला बनाने के इन विवादों का अंत तो नहीं मगर और भी नए विवादपूर्ण माहौल को बनते और उभरते देखा जा रहा है।
अब इसे आभार एवं सुझाव पत्र के रूप में देखा जाए या वर्तमान की सरकार पर ताने कसने जैसी टिपण्णी कहा जाए यह तो सबके समझ के परे लग रहा, पर अब सवाल यह उठता है कि रेणुका सिंह के लिखे हुए इस आभार पत्र के जवाब में मुख्यमंत्री भुपेश बघेल की क्या प्रतिक्रिया रहेगी।
