
सट्टे के आरोपी को किस की सह
शहडोल।() 25 सितंबर 2020 दिन शुक्रवार सुबह लगभग 6 से 7 के बीच का समय शहडोल पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही शहडोल मुख्यालय के घर वाला मोहल्ला बरौनी होटल के पीछे रहने वाले जुन्नु और जूनामत खान के घर के अलावा शहडोल, बुढार, धनपुरी में पुलिस ने कई टीमें बनाकर छापामार कार्यवाही की और तीन करोड़ के आस-पास नगदी सहित मोबाइल एलईडी आईपीएल सट्टे के हिसाब किताब के परिचय जब तक किए तथाकथित जुन्नु उर्फ जुनैद उर्फ जामत खान के पास से 6 लाख 33 हजार नगद तथा 32 लाख का सट्टे का हिसाब एक एंड्राइड मोबाइल पुलिस ने जप्त की थी यह मामला शायद निलंबित भी है, समय का पहिया घूमा और आज वही तथाकथित सटोरिया जिसे पुलिस लाठियां मारते हुए थाने ले आई थी, मुंह में काला कपड़ा बांधकर दर्जनभर अपराधों के साथ तथाकथित जुन्नु के फोटो भी खींचे गए थे, शहडोल से लेकर भोपाल तक की मीडिया में जगह मिली थी, बीते कुछ माह से जुन्नु संभागीय ब्यूरो चीफ बन गया है।
शर्मसार हो रही पत्रकारिता
शर्म की बात तो यह है कि अब उसी कोतवाली में जाकर कोतवाल के सामने बैठ कर न सिर्फ मुखबिरी कर रहा है, बल्कि खुद को संभागीय पत्रकार बता कर और जमाने से भी नहीं चूक रहा, जुन्नू जैसे तथाकथित बदमाशों ने ही पत्रकारिता की साख को आसमान से धरती ही नहीं, बल्कि कई फिट नीचे जमीन पर गाड़ दिया, जुन्नु के तार कोयलांचल के धनपुरी के रेलवे कॉलोनी तक फैले हुए हैं, जहां इसके वसूली करते हैं, पहले वीडियो बनाया जाता है, फिर वसूली की बातें सामने आती हैं और ना होने पर व्हाट्सएप पर पूरी जानकारी पुलिस तक पहुंचती है, पुलिस जब कार्यवाही करती है तो, उससे पहले ही उसका ढोल पूरी तरह इनके द्वारा पीट दिया जाता है, इस बार न सही, अगले बार ही सही तथाकथित लोग कार्यवाही से बचने के लिए आगे का हिसाब तो करते रहेंगे।
इधर फरीद भटक रहा न्याय को
शहडोल रघुराज विद्यालय के समीप लस्सी की दुकान संचालित करने वाले फरीद ने बताया कि उसके साथ बीते वर्ष जुन्नु उर्फ जुनैद तथा उसके भाईयों ने मारपीट की थी, जिसकी शिकायत उसने थाने में दी थी, लेकिन उसके रसूख, पैसों और आईपीएल के सट्टे से कमाई गई दौलत के चमक के आगे हम फीके पड़ गये, हालाकि मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है, हमें न्यायालय पर विश्वास है कि भले ही सट्टोरिया पत्रकार क्यों न बन जाये, उसे सजा अवश्य पड़ेगी।
