
जंगल के रास्ते हो रही थी तस्करी, पुलिस की घेराबंदी में पूरा गिरोह दबोचा
चिरमिरी। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बरतुंगा जंगल से 34 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची महुआ शराब जब्त कर मुख्य विक्रेता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल विश्वकर्मा तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुजूर के मार्गदर्शन में दिनांक 04 अगस्त 2026 को थाना चिरमिरी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बरतुंगा निवासी कुछ व्यक्ति हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची महुआ शराब को जंगल के रास्ते मोहारी क्षेत्र में बिक्री के लिए ले जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बरतुंगा फटरी नाला के समीप घेराबंदी कर तीन आरोपियों ननका राम कसेर (56 वर्ष), हीरा साय (50 वर्ष) एवं हीरालाल (50 वर्ष) को रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 34 पाउच (प्रत्येक एक लीटर) हाथ भट्टी से बनी कच्ची महुआ शराब, कुल 34 लीटर कीमत लगभग ₹6,800 बरामद कर जब्त की गई।
पूछताछ एवं मेमोरेंडम के दौरान आरोपियों ने बताया कि जब्त शराब मोहारी निवासी तेजराम यादव उर्फ पिंटू के अवैध कारोबार के लिए ले जाई जा रही थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य विक्रेता तेजराम यादव उर्फ पिंटू को भी गिरफ्तार कर प्रकरण में आरोपी बनाया। मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा विवेचना के दौरान आरोपियों द्वारा संगठित रूप से अपराध करना पाए जाने पर धारा 112(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) भी जोड़ी गई।
सभी आरोपियों को 05 अगस्त 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह, प्रधान आरक्षक 82 भगत सिंह, आरक्षक 133 सुरेश तिग्गा एवं आरक्षक 124 मदन राजवाड़े की सराहनीय भूमिका रही।
