
बैकुण्ठपुर– कोरबा जिले से लगा हुआ कोरिया जिला है। जो सडक मार्ग से सिधा जुडा हुआ है ही इसके सांथ जंगल से भी सिधा कोरबा जिला कोरिया जुडा हुआ है। जंगल सिधा जुडा होनें के कारण प्रतिवर्ष के भांति इस वर्ष भी लगभग दो दर्जन हांथी कोरबा जंगल से विचरण करते हुए, कोरिया जिले के खडगवां जंगल मे पहुंच गए है। हांथियों के पहुंचने की खबर लगते ही खडगवां के ग्रामीण क्षेत्रों मे दहसत सहित किसानों के मांथे पर अनाज नुकसान होनें की चिता बढ़ गई है। हलाकि ग्रमिणों नें जंगल मे लगभग 22 हाथियों के आनें की खबर वन विभाग को दिया गया। हांथियों के आनें की जानकारी लगते ही खडगवां वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित कर्मचारी जंगलों मे हांथियों पर नजर रखे हुए है। हलाकि ग्रामिण किसानों की मानें तो लगभग 10-12 हाथी वापस कोरिया के ग्राम खडगवां से कोरबा के जंगल मे वापस लौट गए है। बाकि के लगभग एक दर्जन हांथियों का झुण्ड खडगवां जंगल मे भटक रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले से 25 हाथियों का दल गुरुवार व शुक्रवार की सुबह कोरिया जिले के ब्लॉक खडगवां स्थित बेलबहरा पंचायत में पहुंचे गऐ है। हाथी जंगलों से गांव में घूम रहे हैं। हांथियों का एक दल कटघोरा के धनपुर में है तो दूसरा हाथियों के खडगवां ब्लॉक में पहुंचने की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी निगरानी में जुट गए हैं, लेकिन हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामिणों को धान की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। जानकारी के अनुसार 25 हाथियों के दल दो भागों में बट गया है इसमें एक दल कोरिया जिले के खडगवां ब्लॉक के बेलबहरा पंचायत में पहुंच गया है। हाथियों का यह दल हर साल इसी कॉरीडोर से कोरिया जिले में दाखिल होता है। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि धान की फसल पक कर तैयार है अगले माह से कटाई का काम शुरू हो जाएगा। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुबह हाथियों का दल कोरिया जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचकर फिर से कटघोरा की ओर लौट गया लेकिन दोपहर में हाथी दोदर में बैठ गए इसमें से 15 हाथियों का एक दल कोरिया जिले के बेलबहरा पंचायत की ओर विचरण करते हुए गांव पहुंच गया जबकि 10 हाथी कोरबा जिले के कटघोरा में ही घूम रहे हैं मालूम हो कि इस समय धान की फसल पककर तैयार है अब 1 महीने की धूप मिलने के बाद धान काटने की स्थिति में होगी लेकिन इससे पहले ही हाथियों की मौजूदगी ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। ग्रामीण बताया कि इस समय ध्यान में दूध भरा हुआ है। इसलिए धान की बाली में मिठास होती है जो हाथियों को स्वादिष्ट लगती है यही कारण है कि हर साल धान कटाई से पहले हाथी यहां पहुंच जाते हैं खंजर राय सिंह ने बताया कि हाथियों का दल के बिल बहरा में पहुंच गया है इसकी निगरानी विभाग के अधिकारी कर्मचारी कर रहे हैं गजराज वाहन को भी बुलाया गया है अभी तक कोई नुकसान हाथियों ने नहीं किया है मार्को ने बताया कि हाथियों का दल अपने निर्धारित कॉरिडोर में ही रहता है इंदौर में उन्हें विचरण करने से कोई नहीं रोक सकता स्थाई समाधान नहीं किया नुकसान पहुंचा रहे हाथी ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का दल यहां हर साल विचरण करते हुए पहुंच जाता है लेकिन वन विभाग ने हाथियों की निगरानी के अलावा और कोई इंतजाम नहीं किया है जो नुकसान हाथियों को करना होता है वह करके चले जाते हैं। इसके बाद मुआवजे की थोड़ी राशि हमें दे दी जाती है इसके बाद भी अब तक हाथियों को यहां आने से और फसल को बर्बाद करने से रोकने के लिए वन विभाग कोई कारगर उपाय नहीं किया है जिससे हमारी मेहनत बेकार हो जाती है।
