9 May 2026, Sat

मध्‍य प्रदेश: दिग्विजय ने कमलनाथ को दी गोरक्षा की नसीहत, सीएम बोले-3000 गोशाला बनेगी

भोपाल
कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ को राज्‍य में आवारा गायों की रक्षा के लिए गोशाला बनाने की सलाह दी। उन्‍होंने कहा क‍ि अगर सीएम ऐसा करने में सफल रहे तो वह सच्‍चे गोभक्‍तों में गिने जाएंगे और इससे बीजेपी नेताओं को नसीहत मिलेगी। दिग्विजय के सुझाव पर कमलनाथ ने कहा कि उनके लिए गोमाता सियासत नहीं बल्कि आस्‍था का विषय हैं और मध्‍य प्रदेश सरकार अगले साल तक 3000 गोशालाओं का निर्माण कराऐगी।

दिग्विजय‍ सिंह ने ट्वीट किया, ‘यह चित्र है भोपाल-इंदौर हाइवे का है जहां आवारा गऊ माता बैठी रहती हैं और लगभग हर दिन ऐक्सिडेंट में मर जाती हैं। कहां हैं हमारे गो माता प्रेमी गो रक्षक? मध्‍य प्रदेश शासन को तत्काल इन आवारा गो माता को सड़कों से हटाकर गो अभयारण्य या गोशालाओं में भेजना चाहिए। यदि कमलनाथ आपने तत्काल ऐसा करके दिखा दिया तो आप सच्चे गो भक्तों में गिने जाएंगे और तथा कथित भाजपाई नेताओं को नसीहत मिलेगी।’

3000 गोशालाओं को अगले साल तक बनाने का ऐलान
सिंह के इस ट्वीट पर सीएम कमलनाथ ने 3000 गोशालाओं को अगले साल तक बनाने का ऐलान कर दिया। उन्‍होंने कहा, ‘दिग्विजय सिंह आपने भोपाल-इंदौर हाइवे पर बैठी, दुर्घटना का शिकार हो रही गोमाता का जिक्र किया। साथ ही कहा कि इनको लेकर सरकार को कुछ करना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैंने अभी कुछ दिनों पूर्व ही प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर जहां बरसात के मौसम में खेतों की मिट्टी गीली होने की वजह से गोमाता सड़कों पर आकर बैठती हैं और वाहन दुर्घटना का शिकार होती हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारियों को एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।’

कमलनाथ ने कहा, ‘1000 गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। अगले वर्ष तक 3000 गोशालाएं बनाने का लक्ष्य है। गोशाला बनने के बाद ही गोमाता के सड़कों पर बैठने में कमी आएगी। मैं इसको लेकर खुद चिंतित हूं। हम प्रमुख शहरों को आवारा पशु मुक्त बनाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। यह भी सच है कि हमारे लिए गोमाता सियासत नहीं आस्था और गौरव का प्रतीक है। गोमाता की रक्षा और संवर्धन के लिए जो कार्य वर्षों में नहीं हो पाए हैं, वह हम करना चाहते हैं।

Source: Madhyapradesh Feed By RSS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *