28 Apr 2026, Tue

छत्तीसगढ़ में स्थानीय त्यौहारों को पोषण संदेश से जोड़ने की पहल पूरे देश के लिए एक मिसाल : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए रायपुर और राजनांदगांव जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा, ए.एन.एम. और मितानिनों से की चर्चा

रायपुर के खौनी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती केजा चंद्राकर ने प्रधानमंत्री को बताया कि स्मार्टफोन और केश एप्लीकेशन से कुपोषण को दूर करने में मिल रही मदद

रायपुर,प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में स्थानीय त्यौहारों को पोषण से जोड़कर जो लोगों को जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है वह पूरे देश के लिए एक मिशाल है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जिस सोच से गणेशोत्सव प्रांरभ किया था उसी सोच के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी कमरछठ के माध्यम से बच्चों के पोषण का संदेश, रक्षाबंधन के माध्यम से पोषण रक्षा सूत्र अभियान पूरे देश के लिए एक मिशाल है। श्री

मोदी आज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पूरे देश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा, ए.एन.एम. और मितानिनों से चर्चा के दौरान उपरोक्त बातें कहीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के रायपुर और राजनांदगांव जिले की आंगनबाड़ी कार्यकताओं, मितानिन और एन.एन.एम कार्यकर्ताओं से चर्चा कर पोषण अभियान के क्रियान्वयन, अनुभव और चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उनके सुझाव भी लिए।रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के खौनी ग्राम की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती केजा चंद्राकर, ए.एन.एम. श्रीमती श्रीमती उर्मिला देवांगन और मितानिन श्रीमती देवकी यादव ने प्रधानमंत्री को बताया कि राष्ट्रीय पोषण अभियान के क्रियान्वयन हेतु उन्हें प्रदान किए गए स्मार्टफोन और

उसमें कॉमन एप्लाइड एप्लिेकशन (कैश) से कुपोषण को कम करने में काफी मदद मिल रही है। श्रीमती चंद्राकर ने बताया कि पहले उन्हें आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती माताओं और बच्चों की जानकारी से संबंधित 11 तरह की पंजियों को भरना पड़ता था। बच्चों का वजन लेकर कुपोषण का प्रतिशत और पोषण स्तर का ग्राफ बनाने में काफी कठिनाई होती थी परंतु स्मार्टफोन और कैश एप्लीकेशन के जरिए अब ये काम काफी आसानी से हो जाते है। बच्चों का वजन लेकर एप्लीकेशन में भरने से उनके पोषण का स्तर पता चल जाता है वही ंएप्लीकेशन यह भी बताता रहता है कि किस बच्चे के यहां कब गृह भेंट करने जाना है किस बच्चे को कब पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजना है। पहले लोगों के घर जाकर मुंहजुबानी जानकारी लेते थे पर अब मोबाइल लेकर जाते है और उसी में उन्हीं के सामने ही सभी जानकारी भर लेते है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, ए.एन.एम. और मितानिन राष्ट्र निर्माण के अग्रणी सिपाही है। उन्होंने रायपुर की आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद कहा कि आप सभी माताओं और बच्चों की सेहत और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीकी का उपयोग कर डिजिटल इण्डिया अभियान को मजबूती प्रदान करने में जो अहम भूमिका निभा रही है मैं आप सभी को नमन करता हॅू।

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