11 May 2026, Mon

अयोध्या पर अंतिम सुनवाई: 'मंदिर बने या मस्जिद अमन-चैन कायम रहना चाहिए'

अयोध्या
मामले में में आखिरी सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई रंजन गोगोई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब और समय नहीं देंगे। उधर, सुन्नी वक्फ बोर्ड के जमीन पर अपना दावा छोड़ने की अफवाह ने बुधवार को हलचल मचा दी। के पक्षकार, समेत रामलला के मुख्य पुजारी सतेंद्र दास का क्या कहना है, यह जानने की कोशिश
एनबीटी ऑनलाइन ने की।

राम जन्मभूमि न्यास से जुड़े राम विलास वेदांती ने कहा, ‘सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल और राजीव धवन हैं। ये कांग्रेस के नेता हैं। ये चाहते हैं कि इस मुकदमे को कैसे आगे बढ़ाया जाए, कैसे सुनवाई रोकी जाए और उसको विवादित कर दिया जाए। उन्होंने जो कहा है कि कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर का दावा हिंदू वापस ले लें। हम कौन होते हैं भाई। हम तो रामलला की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम रामलला की बात करेंगे। कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ तो हिंदुओं का ही है। हम उससे किसी प्रकार की सहमति नहीं चाहते हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड जानता है कि वे मुकदमा हार गए हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड को इस बात की जानकारी है कि जजों को पता चला गया है कि मंदिर को तोड़कर तीन ढांचे खड़े किए गए थे, उसी को मुस्लिम मस्जिद मानते थे। हालांकि, मस्जिद बिना मीनार की नहीं होती है, यह बात कुरान में लिखी हुई है।’

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‘अयोध्या की धरती पर नहीं बनने दूंगा मस्जिद’
राम विलास वेदांती ने कहा, ‘जजों को यह पता चल गया है कि जो खंभे बचे थे, जिनमें हनुमानजी की मूर्ति, दुर्गाजी की मूर्ति, गणेशजी की मूर्ति, नटराज भगवान शंकर की मूर्ति , धनुषबाण के चिह्न, शंख, चक्र गदा आदि के निशान वहां पर मिले हैं। नासा के उपग्रह के अनुसार, जहां भगवान रामलला विराजमान हैं, उसके नीचे भगवान शंकर का मंदिर मिला। यह दृश्य देखने के बाद लगता है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड समझ गया है कि वे मुकदमा हार जाएंगे इसलिए यह कांग्रेस की ओर से षड्यंत्र रचा जा रहा है। हम किसी कीमत पर रामलला की भूमि को छोड़ना नहीं चाहते हैं। रामलला की विजय हो चुकी है, सिर्फ फैसला आना बाकी है। हमें सुप्रीम कोर्ट पर यकीन है, जजों पर भरोसा है, भारत के संविधान पर विश्वास है। इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि को देखा जाएगा। मैं अयोध्या की धरती पर किसी मस्जिद का निर्माण नहीं होने दूंगा। मस्जिद बनाना है तो बाहर किसी भी कोने में बनाएं लेकिन अयोध्या की धरती पर मैं किसी मस्जिद का निर्माण नहीं होने दूंगा।’

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सतेंद्र दास ने कहा- हमें फैसले का इंतजारअयोध्या मामले में भगवान रामलला के मुख्य पुजारी सतेंद्र दास ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट सक्रिय होकर लगातार सुनवाई कर रहा है, हमें इस बात की खुशी है। जल्द ही यह मामला समाप्त हो जाएगा। उसके बाद इसका फैसला होगा। जो माहौल बन रहा है और कोर्ट की सक्रियता को देखते हुए लग रहा है कि रामलला के पक्ष में ही सारे आदेश आएंगे।’ राम विलास वेदांती ने कहा है कि अयोध्या की धरती पर कोई मस्जिद नहीं बनने देंगे, इस पर जवाब देते हुए सतेंद्र दास ने कहा, ‘पहले कोर्ट के आदेश आएं, उसके बाद सारी चीजें तय होंगी। कोर्ट के आदेश के पहले तो कुछ नहीं कहा जा सकता कि क्या कहां बनेगा।’

बाबरी मस्जिद के पक्षकार ने कही यह बात
बता दें कि 5 सदस्यीय संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अब बहुत हो चुका सुनवाई आज ही यानी 16 अक्टूबर को खत्म होगी। इस पर बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा, ‘उन्होंने बिलकुल सही कहा है। आखिरी वक्त में किसी ऐप्लिकेशन से क्या मिलेगा। बाकी जो होगा आज के बाद खत्म हो जाएगा। मंदिर बने या मस्जिद हिंदुस्तान में बस अमन और चैन कायम रहना चाहिए।’

Source: Uttarpradesh Feed By RSS

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