6 May 2026, Wed

अयोध्या विवाद: सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा- फैसले से आने वाली पीढ़ियों पर असर, संवैधानिक मूल्यों को बचाना होगा

अयोध्या
में में सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। 17 नवंबर के पहले कभी भी अदालत देश के सबसे पुराने विवाद में अपना फैसला सुना सकती है। इस बीच ने सुप्रीम कोर्ट को संवैधानिक मूल्यों की याद दिलाते हुए कहा है कि इस मामले में ऐतिहासिक फैसला देते हुए यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।

इस केस में अंतिम दलील के रूप में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कई बातें रखी हैं। बोर्ड की तरफ से वकील एजाज मकबूल ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्णय आता है वह आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करेगा। इसका देश की राजनीति पर भी व्यापक असर पड़ेगा। अदालत के इस फैसले से उन लाखों लोगों पर असर पड़ सकता है जो इस देश के नागरिक हैं और जो देश के संवैधानिक मूल्यों को मानते हैं।’

‘संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो’
उन्होंने आगे कहा, ‘चूंकि इस अदालत के फैसले का दूरगामी प्रभाव पड़ेगा, इसलिए अदालत को अपने ऐतिहासिक फैसले के नतीजों पर इस तरह से विचार करना चाहिए कि देश के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो। हम उम्मीद करते हैं कि इस फैसले के दौरान सर्वोच्च अदालत द्वारा हमारे बहु-धार्मिक और बहु-सांस्कृतिक मूल्यों को ध्यान में रखा जाएगा।’

‘मध्यस्थता के लिए अपनाई प्रक्रिया करते हैं खारिज’
मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से छह प्रतिनिधियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा, ‘सुन्नी वक्फ बोर्ड के अलावा किसी पक्ष को समझौता मंजूर नहीं है। समझौते की शर्तें जो लीक हुई हैं, वह हमें मंजूर नहीं हैं। इसके साथ ही मध्यस्थता के लिए अपनाई प्रक्रिया को भी हम खारिज करते हैं। समझौते के लिए जमीन पर दावा वापस लेने की शर्त हमें मंजूर नहीं है।’

17 नवंबर से पहले आ सकता है फैसला
सीजेआई अगले महीने 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि उससे पहले अयोध्‍या मामले में फैसला आ सकता है। अयोध्या मामले पर लगातार 40 दिन तक चली सुनवाई पूरी हो गई है। सीजेआई की अध्यक्षता वाली संवैधानिक बेंच ने संबंधित पक्षों को ‘मोल्डिंग ऑफ रिलीफ’ पर लिखित नोट रखने के लिए 3 दिन का अतिरिक्त समय दिया था।

Source: Uttarpradesh Feed By RSS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *