महिलाओं को अबला कहने के सख्त खिलाफ थे गांधी जी।
महिलाएं सशक्त होगी तो होगा समाज सशक्त।
प्रथम चरण में महिला जागो-महिला जोड़ो अभियान गांधी जयंती से अम्बेडकर जयंती तक चलेगा।
गाँधी-अम्बेडकर ने महिला अधिकारों के आवाज को किया बुलन्द।
महिलाओं के उत्थान से होगा समाज का उत्थान, राष्ट्रपिता को नमन – सवित्री

रायपुर, छत्तीसगढ़, गांड़ा महासभा महिला विभाग की अध्यक्ष श्रीमती सावित्री जगत ने कहा सत्य, अहिँसा और प्रेम के हथियार से देश को आजादी दिलाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती के अवसर पर आज गांड़ा महासभा महिला विभाग के द्वारा टाउन हॉल स्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण किया, उनका प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम …… गाकर उनको पुष्पांजलि अर्पित किया तथा देश के लिए दिए अतुलनीय योगदान के साथ साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी याद किया। इस दौरान श्रीमती सवित्री जगत ने कहा विश्व को शांति का बड़ा संदेश देने वाले गांधी जी का महिलाओं के अधिकारों को लेकर हमेशा मुखर रहे है जो आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने ने महिलाओं को कभी भी कठपुतली बनकर रहने को नहीं कहा है। महिलाओं को अबला कहने के गांधी जी सख्त खिलाफ थे। सैकड़ों वर्ष की गुलामी से देश को मुक्ति दिलाने वाले गांधी जी हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके विचार आज भी अजर अमर है। गांधी जी अतीत नहीं बल्कि भविष्य भी है। इसी तरह भारत भूमि के दो महान सपूत गांधी जी और अम्बेडकर जी भारत देश को दुनिया मे एक अलग पहचान दिलाया और समय समय पर महिलाओं के आवाज को भी पुरजोर तरीके से बुलन्द किया है। गांधी जयंती के इस पावन अवसर पर गांड़ा समाज की महिलाओं ने महिला विभाग की अध्यक्ष श्रीमती सवित्री जगत के नेतृत्व में महिला जागों- महिला जोड़ो अभियान की शुरूआत की जो प्रथम चरण में 2 अक्टूबर 2018 गांधी जयंती से 14 अप्रैल 2019 अम्बेडकर जयंती तक चलेगा। महिला जागो-महिला जोड़ो अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक रूप से जगाना और संगठित कर अधिकार की लड़ाई के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना है ।गाँधी जयंती के अवसर पर प्रमुख रूप से श्रीमती सावित्री जगत, कौशल्य सागर, प्रीति सागर, गीता मांझी, जमुना क्षत्री सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।
