30 Apr 2026, Thu

लगातार बढ़ते नक्सली हमले सरकार की विफलता का सबूत : शेरगिल

रायपुर, एआईसीसी नेशनल मीडिया पेनलिस्ट जयवीर शेरगिल ने आज राजधानी में पत्रकारवार्ता में छत्तीसगढ़ सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बीजापुर में हुआ नक्सली हमला भाजपा सरकर की विफलता का एक और सबूत है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार केवल देश के जवानों का इस्तेमाल करती है और उनकी सुरक्षा व उनके परिवारों की खुशहाली का कोई खय़ाल नहीं है। भाजपा सरकार जवानों की वीरता का श्रेय तो लेती है और लेकिन उनपे बढ़ते हमले, बढ़ती शहीदों की संख्या पर जि़म्मेदारी और जवाबदेही से मुंह मोड़ लेती है।
शेरगिल ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रमन सिंह नक्सलवाद के विषय पर छत्तीसगढ़ को लगातार गुमराह करते रहे हैं। सच्चाई ये है कि दक्षिण बस्तर के तीन सीमावर्ती इलाकों तक सीमित माओवाद ने बढ़ते बढ़ते 14-15 जिलों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। 8 नवम्बर 2016 को देश के प्रधानमंत्री मोदी और 19 नवम्बर 2016 को मुख्यमंत्री रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ के लोगों को आश्वासन दिया था कि नोटबंदी के निर्णय से नक्सलवाद जड़ से मिट जाएगा। ज़मीनी हक़ीक़त है कि नोटबंदी के बाद नक्सलवादियों के हौसले और बुलंद हुए। पिछले 2 सालों में नोटबंदी के बाद भी 23 बड़े नक्सली हमलों में 97 जवान शहीद और 121 मासूम लोगों की जान गई। पिछले साल सुकमा (2017) में हुआ नक्सली हमला पिछले 7 सालों का सबसे बड़ा हमला था, जिसमें 26 जवान शहीद हुए थे और इस वर्ष 9 जवान सुकमा और 5 जवान बीजापुर में शहीद हुए। मोदी सरकार ने लोक सभा में पेश एक अपने ही जवाब में पिछले 3 सालों में नक्सली हमलों में आई गिरावट को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया, लेकिन इन हमलों में शहीद हुए जवानों और मारे गए स्थानीय लोगों की संख्या में बढ़ोतरी की सच्चाई को बड़ी होशियारी से छिपा लिया। रमन सिंह छत्तीसगढ़ को तो दूर, अपने ही गृह जिला कवर्धा को भी नक्सल मुक्त नहीं कर पाए।

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