8 May 2026, Fri

कमिश्नर की पहल पर मिला आक्सीजन सिलेंडरों के रिफिलिंग का लाइसेंस अब शहडोल संभाग में ही होगी मेडिकल ऑक्सीजन की रिफिलिंग

शहडोल (मो.शब्बीर ब्यूरो चीफ शहडोल)- कमिश्नर शहडोल संभाग श्री नरेश पाल की पहल पर अनूपपुर जिले की महर्षि एयर साल्यूषन फर्म को मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडरों के रिफिलिंग का लाइसेंस मिल गया है। शहडोल संभाग की फर्म को मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडरों के रिफिलिंग का लाइसेंस मिल जाने से प्रतिदिन लगभग 800 आक्सीजन सिलेंडरों तक की रिफिलिंग जैतहरी स्थिति रिफिलिंग प्लांट में की जाएगी और एक प्लांट से मेडिकल कॉलेज शहडोल को आक्सीजन सिलेण्डरों को तत्काल मुहैया कराये जाएगें। जिससे कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी दूर होगी। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. मिलिंद षिरालकर ने कमिश्नर शहडोल संभाग के समक्ष निकट भविष्य में मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी की संभावना व्यक्त की गई थी। आक्सीजन सिलेण्डरों की कमी कि संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए कमिश्नर ने उच्च अधिकारियों और मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादक फर्माें के सदस्यों की बैठक ली थी। बैठक में कमिश्नर शहडोल संभाग श्री नरेष पाल ने मेडिकल कॉलेज शहडोल को मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडरों की सतत उपलब्धता रहे, इस पर सभी विकल्पों पर कार्य करने के निर्देश दिए थे। कमिश्नर शहडोल संभाग श्री नरेश पाल ने शहडोल संभाग में मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन करने वाली फर्मों को ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग के लिए लाइसेंस स्वीकृति हेतु प्रयास किये गए। प्रबंधक महर्षि एयर सॉल्यूशन द्वारा शनिवार को लाइसेंस हेतु आवेदन किया गया था। जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए 24 घण्टे के अंदर ही लाइसेंस प्रदान कर दिया गया।
हर दिन होगी 800 सिलेंडरों की रिफिलिंग
प्रबंधक महर्षि एयर सॉल्यूशन भास्कर मिश्रा ने बताया कि मेरे फार्म की छमता प्रतिदिन 800 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग की है। उन्होंने बताया कि आक्सीजन सिलेंडरों की रिफिलिंग के बाद आक्सीजन सिलेंडरों की मेडिकल कॉलेज पहुंचा दिया जाएगा।
समय की होगी बचत
डीन मेडिकल कॉलेज डॉ0 मिलिंद षिरालकर ने बताया कि अनूपपुर जिले में मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडरो की रिफिलिंग होने से समय की बचत होगी। मेडिकल ऑक्सीजन गैस सिलेंडरों की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित होगी जिससे मरीज के उपचार में मदद मिलेगी। पहले जबलपुर, सतना और मैहर आक्सीजन सिलेंडरों को रिफिलिंग के लिए भेजा जाता था जिससे काफी विलंब होता था।

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