31 May 2026, Sun

कभी लाल आतंक की पहचान, आज विकास और जनविश्वास का प्रतीक बना अबूझमाड़ : केदार कश्यप

प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ में दिखी बदलते अबूझमाड़ की तस्वीर, राष्ट्रीय मंच पर मिला नए भारत के संकल्प को सम्मान

मोदी की विकास दृष्टि से बदल रही अबूझमाड़ की तस्वीर, जनजातीय गौरव और जनविश्वास को मिली नई पहचान

नारायणपुर। कभी नक्सल हिंसा, भय और अलगाव की पहचान रहे अबूझमाड़ की तस्वीर आज तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास, सुशासन और जनविश्वास की नई रोशनी यहां तक पहुंची है। इसी परिवर्तनशील अबूझमाड़ की झलक प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण में राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दी। नारायणपुर जिले के ईरकभट्टी (अबूझमाड़) में आयोजित कार्यक्रम की तस्वीर प्रसारित होने से क्षेत्रवासियों में उत्साह और गर्व का माहौल है।

प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने ईरकभट्टी में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। इस दौरान वे पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय प्रसारण में अबूझमाड़ की उपस्थिति को उन्होंने बस्तर और विशेष रूप से अबूझमाड़ के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।

श्री कश्यप ने कहा कि एक समय ऐसा था जब अबूझमाड़ का नाम केवल नक्सल हिंसा, दुर्गमता और पिछड़ेपन के कारण चर्चा में आता था, लेकिन आज वही क्षेत्र विकास, जनकल्याण और जनजातीय अस्मिता के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “संतृप्ति के माध्यम से विकास” की सोच और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रभाव अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

वन मंत्री ने कहा कि देश के सबसे लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रम में अबूझमाड़ की तस्वीर दिखाई देना केवल एक दृश्य नहीं, बल्कि उस परिवर्तन का राष्ट्रीय स्वीकार है, जो वर्षों तक उपेक्षित रहे इस क्षेत्र में आज दिखाई दे रहा है। यह यहां के लोगों के आत्मविश्वास, जनजातीय गौरव और विकास यात्रा का सम्मान है।

श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को सम्मान, पहचान और विकास के नए अवसर मिले हैं। जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय पहचान देने से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तक अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। आज बस्तर और अबूझमाड़ केवल सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, सामर्थ्य और विकास की नई कहानी के लिए पहचाने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला एक सशक्त जनसंवाद मंच है। प्रधानमंत्री मोदी इस माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी को राष्ट्रीय पहचान प्रदान करते हैं। यही कारण है कि आज दूरस्थ वनांचलों की आवाज भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंच रही है।

श्री कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर अबूझमाड़ की सकारात्मक पहचान उभरना पूरे बस्तर अंचल के लिए गर्व का विषय है। इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार होगा तथा वे विकास और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे।

उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ का बदलता स्वरूप इस बात का प्रमाण है कि जब सुरक्षा, विकास और जनविश्वास साथ-साथ आगे बढ़ते हैं, तब सबसे कठिन परिस्थितियों वाले क्षेत्र भी परिवर्तन की नई मिसाल बन जाते हैं। आज का अबूझमाड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और नए भारत की विकास यात्रा का जीवंत प्रतीक बनकर उभर रहा है।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रूपसाय सलाम तथा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *