22 Sep 2026, Tue

दिल्ली-NCR: पराली जलना कम होते ही साफ हुई हवा, आज भी राहत के आसार

नई दिल्ली                                          
हवा की रफ्तार तेज होने से करीब दस दिन बाद रविवार को दिल्ली की हवा सांस लेने लायक हुई। सफर के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में पराली के प्रदूषण की हिस्सेदारी काफी कम रही। वहीं, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी कहा कि पराली जलनी बंद होने के साथ ही दिल्ली की हवा साफ हो गई है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग कह रहे थे दिल्ली की हवा में केवल पांच फीसदी ही फसलों का प्रदूषण है तो क्या केवल पांच प्रतिशत प्रदूषण कम होने से 500 से ज्यादा चल रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से कम हो गया। दरअसल, नासा की ओर से जारी तस्वीरों को आधार बनाकर दिल्ली सरकार ने कहा कि पराली का जलना 80 फीसदी कम हो गया है। इसी का नतीजा है कि उत्तर भारत की हवा कई दिनों के बाद साफ हुई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली में साफ आसमान की फोटो ट्वीट करके कहा कि देखिए कितना सुंदर शहर है हमारा। उन्होंने आगे लिखा कि अगर पराली जलना बंद हो जाए तो पूरे साल दिल्ली में ऐसा ही नीला आसामान नजर आएगा।
 
आज भी राहत के आसार 
दिल्ली में रविवार को दिनभर हवा की रफ्तार अच्छी रही। दिन के कुछ समय 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। जबकि, आमतौर पर हवा की रफ्तार दस से बीस किलोमीटर प्रति घंटे की बनी रही। सफर का अनुमान है कि सोमवार के दिन भी हवाओं की गति इतनी ही तेज बनी रहेगी। इससे हवा में घुले प्रदूषक कण साफ हो जाएंगे।
 
दो फीसदी हिस्सेदारी रही दिल्ली के प्रदूषण में अब पराली के धुएं का प्रभाव कम हो गया है। सफर का अनुमान है कि रविवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी दो फीसदी तक रही। उपग्रह के चित्र बताते हैं कि शनिवार को पराली जलने की 214 घटनाएं हुईं। सोमवार को यह हिस्सेदारी नौ फीसदी तक हो सकती है।

राजनीति नहीं हो 
पुराने आंकड़ों के आधार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 अक्तूबर तक हवा संतोषजनक श्रेणी में था। अचानक 10 अक्तूबर से दिल्ली की हवा खराब फिर बेहद खराब श्रेणी में चली गई। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि दिल्ली में उद्योग, वाहनों और धूल -मिट्टी का भी प्रदूषण है। 9 अक्तूबर के आंकड़े बताते हैं कि यह मिलाकर भी दिल्ली की हवा उस समय संतोषजनक श्रेणी में थी। इससे साफ है कि वर्तमान प्रदूषण के लिए पराली जलना ही जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

वहीं, गुरुग्राम की हवा में घुले जहर ने सांस लेना मुश्किल कर दिया है। बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ रविवार को लोग सड़क पर उतर आए। सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली मैदान की पार्किंग में जागो गुरुग्राम कार्यक्रम में मुझे जीने दो के नारे के तहत गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्यों, स्कूली बच्चों, बड़े कॉरपोरेट समूहों और पर्यावरण प्रेमियों ने इसमें हिस्सा लेकर सरकार से साफ हवा मुहैया कराने की मांग की।

Source: National

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