26 Apr 2026, Sun

जंगलों की अवैध कटाई पर मौन मुद्रा में क्यू हुए डी एफ ओ मनेंद्रगढ़

हरियाली दिखाकर उजड़ते जंगलों की सच्चाई पर पर्दा डालने की जुगत में,,रेंजर मनेंद्रगढ़

मनेंद्रगढ़ कोरिया – उजड़ते जंगल और कटते युवा तैयार वृक्षों का जो मंजर मनेंद्रगढ़ वन मंडल कार्यालय के नाक के नीचे देखा गया वो जंगल विभाग के लिए बेहद शर्मनाक रवैए का परिचायक साबित हुआ है।वन संरक्षण अधिनियम के उलंघन का वो दृश्य देखने को मिला जिसकी तुलना नहीं की जा सकती है।आपको बता दें कि हमने इस सागौन प्लांटेशन जहां पर पुराने सहित तैयार युवा सागौन के पेड़ों का प्लांटेशन है जंगल भी कह सकते हैं।जब हमने अंदर का नजारा देखा तो बहुत ही चौंकाने वाला था।ज्यादातर युवा सागौन वृक्ष जमीन से एक फिट ऊपर से काट लिए जा रहे हैं।तो कुछ पर गाडलिंग कर सूखने छोड़ दिया जा रहा है।कठौतिया से मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग से लगा करीब दो से तीन किलोमीटर के इस क्षेत्र में काफी पहले से वृहद पैमाने पर सागौन के प्लांटेशन कराए गए थे।जो अब काफी परिपक्व और युवा हो चुके हैं।परंतु एक बड़ा सवाल ये है कि वन विभाग शासन की योजनाओं और बड़े बड़े आवंटनों से प्लांटेशन करता है तो क्या उसकी अवैध कटाई के लिए या फिर वृक्ष लगाकर उनको लापरवाही के भेंट चढ़ाने के लिए।आपको अवगत करा दें कि इस सागौन के तैयार जंगलों की अवैध कटाई का जो सिलसिला हर रोज जारी है उसका स्पष्ट नजारा मौका मुआयना कर देखा जा सकता है।कई बड़े और मोटे सागौन के पेड़ों को तो आरे से भी काटा गया है।मुख्य मार्ग से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर बड़े सागौन काटे जा रहे हैं।जबकि अमूमन ऐसी कटाई सिर्फ बीहड़ों में देखी जाती है।परंतु जंगलों के जिम्मेदारों की निष्क्रियता और निर्माण कार्यों में बड़ी बड़ी राशियों के गोलमाल की कलाबाज़ी ने जंगलों की सुरक्षा को धार में लाकर खड़ा कर दिया है।मनेंद्रगढ़ वन मंडल क्षेत्र में जंगलों की दुर्दशा पर चुप्पी साधकर बैठे डी एफ ओ और वन विभाग के उच्चाधिकारियों का ये मौन व्रत आखिर कब टूटता देखना बाकी है।

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